ልጥፎች

Gudmorning Wishes, सुबह की चाय का इंतजार ,Morning Sun

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जैसे नन्ही कलियों को इंतजार है उगते सूरज का  वैसे ही हमको इंतजार है आपके आने का 🎊🎉

"ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " ,जय शनिदेव, न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है, शनिदेव की अदालत में हर कोई कटघड़े में खड़ा है

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  जय शनिदेव " ॐ शं शनैश्वराय नमः।। "  नीलांजन समाभांस रविपुत्रं यमाग्रजमं  l छायामार्तंडसंम्भूतं तं नमामि शनेश्वरम l। **************************************************************** नील वर्ण और छोटा कंठ टेढ़ी दृष्टि भुकटी विकराल  नेत्र लाल और धीमी चाल  एकांत प्रिये और धैर्यवान   वैराग्य पसंद और कर्म प्रधान विस्तृत पथ पे चलनेवाला पिंगल , कृष्णा छयानन्दन  शानिवार है वार इनका पुष्यआ ,अनुराधा  और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र इनका मकर और कुम्भ के राशि स्वामी  श्री कृष्णा प्रभु के भक्त है रुद्रान्तका  टेढ़ी चाल को सीधी करदे और सीधी को टेढ़ी  वक्र दृष्टि गर पड गयी प्रभु की तो खुली किताब जातक की दशा इनकी अतयंत कष्ट दायक ढैया हो या साढ़े साती  तपा के तुझको सोना करदे  जीने का उदेशय बता दे  देश विदेश की सैर करादे पल में सोना पीतल बना दे  बीमारी वैधा जान न पाए  ऐसा रोग लगा दे l l न कोई छोटा न बड़ा है,  हर कोई पंक्ति में खड़ा है  शनिदेव की अदालत में   हर एक   कटघड़े में खड़ा  है...

चंचल मन की चंचलता, राधा कृष्ण की बाट दिखा दे , Imaginations Of Person Vast than Universe

चंचल मन की चंचलता  पल में पहुचादे कलकत्ता  आँखों को दर्पण दिखला दे  बीते कलसे फिर मिलवा दे  प्रीत ऐसी  खुद को बिसरा दे  सन्यासी स हाल बना दे  पोंछे कोई जो आंसू उसके  निर्मोही संग  प्रीत बता दे  एक एक पल की गिनती में  राधा कृष्ण की बाट दिखा दे  चंचल मन की चंचलता तो  कभी हंसे और कभी  रुला दे  चाँद की  मासूमियत लिए  हर छड़ अपनी कलायें दिखाए दे  प्रेम को अपने नित दिन संजो के  चकोर को  अपने  चाँद से मिला दे  हिरानी को कस्तूरी दे  दे  उसकी जिज्ञासा भुलावा दे  मृगतृष्णा को भी झुठला  के  गोपियों संग रास रचा दे  चंचल मन की चंचला तो  आकाश मे भी गंगा बहा दे  हवा से तेज बुद्धि से तीव्र  मन की गति महादेव से मिला दे l l

बस तू शुरुवात कर , Motivatinal Poetry For Students Preparing For Higher Exams Or Competitions, प्रेरणादायक कविता, Inspirational Quotes for School & Collage Students

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भटक गया जो मार्ग से वो बीच में ही रह गया  ये बात सत्य है जो सह गया वो लह गया  भीड़ है बहुत यहां जीतने की होड़ है  तू सिर्फ आगे बढ़ता चल रुकावटें हर मोड़ है  फिक्र कुछ किए बिना जिक्र न किसी से कर  मोह माया के जाल से खुद को आजाद कर   नजर बचा के सबसे चल हर टोक एक रोक है   रुक गया अभी तो आगे ना कोई  छोर है  मूंद ले तू अपनी आंखें,  ज्ञान चक्षु खोल दे प्रयास कर प्रयास कर तू लक्ष्य अपना भेद ले  हार है क्या!  ये बस एक शब्द है  जितनी है तुझको बाज़ी वही तो संघर्ष है  कर्म ही तो पूजा है कर्म कर बस कर्म कर  जीतना है तुझको ही बस तू शुरुवात कर   

जान के सबकुछ चुप है जो बेटा तेरा बाप है वो , आजकल के प्यारे बच्चे, युवा पीढी, Etiquettes Of Young Generation, Hindi Poetry On father and son

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Instagram Facebook और YouTube में मस्त  Netflix, Prime or Mobile mein व्यस्त  क्या जाने क्या होती मेहनत  जो है ऐशो आराम से ग्रस्त  नहीं पता कुछ जिम्मेदारी  बस लंबी लंबी घास खानी  बातें है आकाश से ऊंची  वाह रे कलयुग कैसी पीढी  आँखों में है शर्म नहीं  इज्जत बड़ो की करनी नहीं  पी नहीं सकते पानी उठ के  आजकल के प्यारे बच्चे  बाप कर रहा सारे काम  बेटा बोले सीता राम  क्या बोले, कैसे समझाए  बाप , बटे का भी बोझ उठाए  निठल्ले बच्चों को आराम प्यारा  पहचानो अपनी कीमत को  दिखलाओ ये दुनिया को  नाम करो कुछ काम करो  अपना जीवन न बर्बाद करो  सीखो अपने  माँ बाप से  सारे पहलू जीवन जीने के  समझते हो अज्ञानी  जिनको  असली में है तुमसे ज्ञानी  बड़ा किया है तुमको जिसने  उनको कैसी राह दिखानी  मानो उनका इतना एहसान  उनके आगे ना दिखाओ शान  जान के सबकुछ चुप है जो  बेटा तेरा बाप है वो  II

लव यू जिंदगी, Sad Quotes On Life

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संवारा है खुद को या तबाह किया है  जिंदगी तू ही बता क्या गुनाह किया है  उठने लगी उंगलिया गैरों की भी मुझपे  अपनों ने लाके कटघरे में खड़ा किया है  आईना भी शर्मसार है अब शक्ल देखके  हर महफिल में इतना बदनाम किया है  तसव्वुर रहा ठहराव का जिंदगी में जिंदगी भर घाव पर घाव मिले हैं सुकूं के नाम पर  क्या करे इबादत तेरी बता मेरे खुदा  जब ये दुख खुद तूने मेरी किस्मत मेँ लिखा है  !!

कैसे होती है दिल की बाते, क्या सपने भी मन पढ़ लेते, कान्हा रहते गोपियों संग

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***************************************** ऐसे ही बस सोच रही हूँ   सागर में मोती है कितने और तारे कितने होते नभ में क्यू है रक्त हम सब का लाल क्या होती है बाल की खाल ! कैसे चिड़िया आकाश में उड़ती और मछली ताल के भीतर तैरती  क्यों कान्हा रहते गोपियों संग और बंसी की धुन करे मगन क्यों भोले  की जटा से बहे गंगा और चन्द्रमा दिखे रोज़ नया नवेला  क्यू अपने-अपनो से रहते दूर  और मिलने को होते मजबूर  क्यों गिरते आंखो से आंसू और याद दिलाते बीते कल को  क्या सपने भी मन पढ़ लेते याद करो जिसे सपने में दिखते कैसे होती है दिल की बाते  मैं लिखती हूँ आप  पढ़ लेते   :)

घटिया लोगों से पहचान नहीं , क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका, और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास

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प्त्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं  समझदार को इशारे की ज़रूरत नहीं  जल में रहकर मगर से बैर नहीं  और घटिया लोगों से पहचान  नहीं  ******************************************************** भला करते करते  बुरा कर गए  रकीबो से मिलके दगा  कर  गए  गले लगा के प्यार से मुझको  मेरे सीने में खंजर उतारते चते गए  ******************************************************** क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका जो  उड़ा रहा है मजाक  जमाना आपका  दिल से लिए है फैसले तो  बात मान लो जहाँ  दिल   लगे वहाँ  दिमाग  न लगाया करो ********************************************************** और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास  एक तुम  हो  और तुम्हीं हो जीने की  आस  ********************************************************************** ऐसे ही जिंदगी तेरी याद में बिताई  तकतें रहे चांद को सीने से फोटो लगाई  हर उम्मीद अपनी ना उम्मीद हो गई  जब चांद के ऊपर बदरी छा गई ...

खाली जेब की थी अपनी रईसी अपना वक़्त था के नासमझी थी

अपना वक़्त  था के नासमझी थी  जिंदगी बहुत खूबसूरत थी  थे अपने गुमान में गुम  अलग ही दुनिया थी  बातों बातों में ताली  हसी ओर ठिठोली  दिनभर गुनगुनाना  दर्पण देख मुस्कुराना  वो किस्से कहानी  रोज महफिल सजानी  झूठ बोल के रोज दोस्तों से मिलना पैसे इकठ्ठे करके फिर मूवी देखना  बाद में लगे सब अपना पराया बताने  याद आते है वो गुजारे ज़माने  खाली जेब की थी अपनी रईसी  जोड के पैसे की खाइशे पूरी  ना मोबाइल ना कोई कैमरा  जिंदगी थी एक खूबसूरत आईना 

नववर्ष मंगलमय हो, Happy New Year , New Year Wishes

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  आगामी वर्ष आप सभी के जीवन में अपार खुशियां और सम्पन्नता लाये  नववर्ष मंगलमय हो l l

Happy New Year, 2026, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, New Year Wish In Hindi

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आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं  नया साल आप सभी के जीवन में सफलता और खुशिया लाये

ना रहो आश्रित किसे पे अपनी खुशी के लिए, Selfish Relations, Relations Of Today's Generation

जबरदस्ती के रिश्ते ऐसे जुड़े है  दरारे है दरमियाँ फिर भी टिके है  कहने को अल्फाज़ नहीं है  गैरों से कुछ क्रम नहीं है  रहते है एक छत के नीचे  फिर भी कोई बात नहीं है  औपचारिकताएं ही शेष है  रिश्ते अब ना विशेष है  मान सम्मान खत्म हुआ  अपना घर ही जैसे परदेस है  अब ना अपने ना अपनापन  बस मैं  खुश और मेरा जीवन  अब रिश्तों की तरकार नहीं  बंध के रहना रिश्ते में प्यार नहीं  रिश्तेदार है ये, ना होंगे खुशी  ना मानेगा एहसान कोई  अच्छा करके भी जो बुरा कहेगा  ऐसा रिश्तेदार हर घर में मिलेगा  आपका जीवन है आपके लिए जियो इसे अपनी खुशी के लिए  जो रहा दुख में संग रहेगा सुख में  ना रहो आश्रित किसे पे  अपनी खुशी के लिए 

झूठ की परत चाहे कितनी दोहरस हो , सच सामने आएगा जरूर बस अपने समय का इंतजार करो

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हर जिक्र में नाम  तेरा जिंदा रहने के लिए ख्याल  तेरा  यूं ही नहीं आ जाते आंखो में अश्रु रह-रह के मेरे सामने चेहरा आता है तेरा और कितना बदनाम करोगे रिश्ते को मेरे कब तक झूठी अफ़वाहे सुनेंगे लोग तेरे खारा है अगर समंदर तो खारा ही रहेगा  दर्पण तो दर्पण है चेहरा उसमे  असली ही दिखेगा लोग झूठी बातों का पहाड़ बनाये बैठे थे रेत के ढेर पे मचान सजाये बैठे थे समय की लहरों ने पहाड़ों को समन्दर में मिला दिया देखते ही देखते झूठे लोगों के मुँह से नकाब हटा दिया  झूठ की परत चाहे कितनी दोहरस  हो  सच सामने आएगा जरूर  बस अपने समय का इंतजार करो ।।  J

कुंती पुत्र दानवीर कर्ण महान , मित्रता की पहचान कर्ण, सूर्य पुत्र कर्ण, Karn

मित्रता की पहचान  एक दोस्त का अभिमान  और कोई नहीं है कुंती पुत्र  दानवीर कर्ण महान  ऋषि दुर्वाशा के वरदान से  जिज्ञासु कुंती माँ ने  सूर्य का आवाहन किया लोक लाज के भय से  नवजात को जल में प्रभावित किया पाला जिसको अधिरथ और राधे मां ने  और राधे पुत्र नाम मिला  जन्म से ही कानो में सोने के कुण्डल  और कवच मिला  अतुलनीय बल और तिव्र बुद्धि  शास्त्रो में निपुण, रणनीति विचार राजसी कुल के जन्मे   फिर भी सूत पुत्र पहचान सूर्य पुत्र होके भी  ना मिला पिता का का नाम  मित्र प्रेम और दान  जिसकी रग रग में विदमान नहीं लौटा कभी  उसके दरसे कोई खली हाथ  जीवन भर जो प्रेम को तरसा असली पहचान पाने को तड़पा लिया ज्ञान गुरु द्रोणाचार्य से फिर भी पक्षपात को होते देखा बाना अंग राज्य का राजा  प्रजा को खुश रखनेवाला जो बोले वो कारनेवाला  अर्जुन से  प्रतिस्पर्धा   करने वाला  दुर्योधन का अति प्रिये  कौरवों की सेना का सेनापति  अर्जुन के हाथों वीरगति परशुर...

हम प्रभु तेरी शरण है, तेरे कारन जीने की वजह मिल पायी , Shri Radhe krishna

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शुक्रिया हर कदम पे तेरा उम्र भर साथ मेरा दे दिया  क्या कहु तुझको सब पता है  बिना इशारे के तेरे न पत्ता हिला है  तेरी लेखनी पे सदा चिंतित रहा   कृपा से जैसे  तेरी वंचित रहा  अंधेरो में भी तूने उजाले दिखाए बीते वक़्त मेरे सामने सबक बनके आए याद करू जिसको वो किस्से बन गए  तेरे रूप में फ़रिश्ते मिल गए  साथ  भगवन तूने हमेशा दिया है  पुकारू जिसे वो आसरा बन गया है  दिन की शुरुवात है नाम से तुम्हारे  मन में बस्ते हो श्री कृष्ण प्यारे  गुमराह हुए जब जब राह तुमने दिखाई तेरे कारन जीने की वजह मिल पायी l है माटी की काया किराये का जीवन एक नाम तेरा सच्चा बाकि भरम है  इसीलिए हम प्रभु तेरी शरण है  ll

राजू का काजू प्रेम # ध्यान अपना रखना अहम बात है # माँ बस मुझे दे दो काजू

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एक लड़का था राजू  बहुत खाता था काजू दिन भर शैतानी और मनमानी  रोज़ कक्छा में बस डाँट खानी था वो गरीब , माँ नौकरी  करती  थी काजू की फैक्ट्री में काम करती थी बाप था मिस्त्री घर था बनाता  बेटे को बहुत प्यार था करता  एक दिन माँ ने छुपा के रखे थे काजू बेचने  थे पडोसी  को रुपये थे जुटाने  देखे जो काजू राजू ने तरकीब लगाई मेज पर चढ़कर अपनी  लम्बाई बढाई नन्ही हथेलियों को उसने बरनी में डाला  भरी दोनों मुट्ठी पर उन्हें निकाल न पाया बरनी का मुँह छोटा  था  और हाथ फंसे थे  दर्द से उसकी आँखों से आंसू निकले थे रो - रो के माँ माँ चिल्ला रहा था मेज़ से उतरने में डर रहा था  आवाज रोने की  पड़ोसी सुन रहे थे खुली थी खिड़की उसको समझा रहे थे पहले छोड़ो काजू फिर एक हाथ निकालो उसके बाद  दूसरे हाथ को निकालो राजू बोला फिर ना काजू मिलेगा  खाली हाथ बरनी से नहीं निकलेगा हस रहे थे पडोसी पर वो रो रहा था कैसे निकलेगा काजू सोच रहा था  थक गया रोते रोते और कराहते  छोड़े काजू उसने...

तेरी आँखों की नमी मेरी आँखों में है Poetry On Love &Trust हर शाम ढलते सूरज के इंतज़ार में है राह देखता है कोई इस विश्वास में है

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तेरी आँखों की नमी मेरी आँखों में है अनकहे अल्फ़ाज़ तेरे मेरे ज़हन में है बालो से गिरा फूल  अब भी किताबो में है माफ कीजिए कहते हुए अल्फ़ाज़ खयालो में है  हर शाम ढलते सूरज के इंतज़ार में है राह देखता है कोई इस विश्वास में है हाथ उठते  है जिसके दुआ मंगाने के लिए उन लकीरों में मेरा नाम तो है कसमें खाई थी साथ रहने की कभी  बेशक उन कसमों पे ऐतबार तो है कहने को तो ज़िन्दगी अकेले गुजार दी सजाने को तेरी यादो का गुलिस्तांन तो है  लेके चले है अपने खव्बो का आस्मां साथ देने के लिए ये चाँद तारे तो है कह दिया है हाले दिल चुपके से कान में सुन ने के लिए पूरी कायनात तो है    

तोतू My Lucky Parrot, परिंदो के लिए ही बना आसमान है

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है एक कहानी तोतू की  मेरे प्यारे से तोते की मिला था अँधेरी रात में फसा था किवाड़ की आड़ में था बस महीने भर का सहमा हुआ सोचा क्या करू अब इसका  लपेटा दुप्पटे में फिर सहलाया प्यार से उसको लकी तोतू  बुलाया फिर रखा उसको एक जूते के डब्बे में दिए दाने चने के प्याली   में  हथेली से छोटा नन्हा सा परिंदा कभी मारु सिटी कभी ताली बजाउ फेरु ऊँगली उसपे लकी लकी दुहराऊ दी दवाई उसको घायल मिला था  चौबीस घंटे में एक बार बोलता था  आदत मुझे उसकी होने लगी थी  अकेली से दुकेली होने लगी थी  तीन महीने में लकी ने उड़ना सीखा  खिड़की दरवाजे पे चढ़ना सीखा  मिल गया था खिलौना जैसे मुझे  अब नहीं थी ज़रूरत किसी की मुझे  दिन बीते उसकी बोली को सुनते  रहता संग मेरे छुपता फुदकते  लाल रंग का मुँह और पूरा हरा था  छोटे से पंखो को प्यार से फेरता था  गोद में लेके बैठी थी मक्के के दाने बुलाया उसे वो लगा पंख फ़ैलाने  देखते देखते छत पे  उड़ गया वो बुलाया बहुत पर न लौटा कभी वो  बहुत रोइ पछताई लकी लकी चिलायी निरमोही ने न कोई सिटी बजाई...

जंगल का राजा कौन, Children Story, Jungle's King, कोयल बुलबुल गोरैया भी कठफोड़वे के हित में बोले

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आओ सुनते है एक कहानी जंगल के राजा शेर की मनमानी  आंखों है लाल और भोंहे है तानी कौन है भालू और कौन है हाथी सब पे हुकूमत अपनी ज़मानी चूहे बिल्ली तीतर बटेर ये सब है दरबारी  मंत्री लोमड़ी को बना दिया जिसने सबकी बुद्धि हरली जानवरो  की चालाकी सब अपनी गठरी में भरली चीता, बाघ ,सियार, ज़ेबरा दिनभर करते सलामी  शोर मचाया कठफोड़वे ने अब राजा बनना मेरी बारी  खोरड़ कर दूंगा सिंघासन जिसकी लकड़ी सबसे निराली  गिलहरी कूद कूद चिलाये क्या है अपनी जान गवानी बस एक दहाड़ होगी राजा की फिर तेरी  शामत आनी कोयल , बुलबुल , गोरैया भी कठफोड़वे के हित में बोले  सभी पक्षी मान गए बोले कठफोड़वे को राजा चुन ले राजा बड़ा दिलवाला था मान गया वो सबकी बात  आने वाले शनिवार को होगी ताज पहनने की रात बन गया राजा कठफोड़वाऔर लगे सब पक्षी गाने  पर एक दिन लाया शिकारी चुगने के लिए दाने  सर्दी की थी  धूप और लगा चिडियो को फ़साने  एक -एक कर सब पक्षी फस गए लगे रोने चिल्लाने  बुलाने लगे कठफोड़वे को राजा राजा दोहराने  वो था...

इस खुले आसमान के नीचे अब भी सुकून बाकी है, Passing Life,

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बीत रही है सुख - दुख के किस्सों की जिंदगी कह रही है बढ़ती उमर रुकजा ए जिंदगी माना तजुरबे है बहुत फिर भी सीखना बाकी है रिश्ते में लगी गांठो को अभी सुलझाना बाकी है कुछ चेहरे धुंधले हो गए उन्हें आंखों में उतारना बाकी है कुछ बातें अधूरी रह गईं उन्हें पूरा करना बाकी है दिल पे बोझ है जो उसे उतारना बाकी है अलिंगन करके बीते कल को फिर से जीना बाकी है राह में दिखे मंजर को फिर से दोहराना बाकी है लब पे ले आए मुस्कान जो वो लम्हा देखना बाकी है छूट गया जो टूटा तारा उसे फिर  से देखना बाकी है चांदनी रात में चांद के साथ चलना बाकी है दिल में कल्पनाएं हैं बहुत उन्हें कागज़ पर उतारना बाकी है लगता है इस खुले आसमान के नीचे अब भी सुकून बाकी है..

रहु धरती माँ के संग, Village Life, Living With Nature

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जानते है एक गांव है नदी किनारे बसा हुआ  बांस ओर पाकड़ के                                                                                           पेड़ से घिरा हुआ प्राचीन मंदिर लाल कुआ पहचान पुरानी लिए हुआ आम के बाग महुआ के पेड़                                                      खेत खलियआन से सजा हुआ सावन में बारिश का शोर  पगडंडी पे नाचे मोर ठंडी में छीमी की खेती घर घर बनती घुघरी रोटी गरमी में पके आम की दाल संग सत्तू भौरी चोखा अचार पतझड़ में है बेल का रस चना चबैना गुड़ और चिवड़ा चूल्हे पर है मोटी रोटी उसकी तयारी शाम से होती लकड़ी काटो ऊपरि लाओ गोधूलि बाद रसोई लगाओ नौ बजे लग गई है खटिया  पांच बजे फिर उठना भ...

अम्बिया (आम का पेड़) दो जीवन किसी को बनो कारण ख़ुशी का लगाओ पेड़ ऐसा जो बने सहारा सभी का

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फिर आई अमुआ के पेड़ पर बौर   खटास अम्बिया की  महक रही सड़क की ओर  फैला हुआ है सरपत जैसे  बना है खग  विहग का डेरा  मिलती है राहगीरों को छाँव मचता है कोलाहल सुभू शाम  कीट पतंगे चींटे माटे  वयस्त रहते घर इसमें बनाते  बच्चों की  फौज रोज हल्ला मचाये  अमुआ के तले चल घर एक बनाये  पकड़म पकड़ाई या छुपम छुपाई गिल्ली डंडा कभी चोर सिपाही ना जाने क्या खेल है खेले दादाजी आये सुबह  दातुन लेने  है सबका सहारा आम का पेड़ सड़क  किनारे लगा है पेड़  रहे  इंतज़ार कोयल की कुहक का  सुहाना हो मौसम तो गाना ख़ुशी का लगे अबके आम तो निशाना उम्मीद का किसी चिके से न टूटे शीशा किसी का है सबके हिस्से में आये पांच आम  खाना उसको नमक लगा के राधे शयाम हो जाए मुश्किल टिकोरों  का पकना जब हो हमला वानर दल का बजाये ताली और शोर मचाये  बच्चे बंदर आया चिल्लाये चाचा की चाय इलाची महकाये  पेड़ के बगल में मजमा लगाए  रोज़ एक कहानी सुनाता आम के पेड़ है सबका अभिमान आम का पेड़  दो जीवन किसी को बनो कारण  ख़...

पर्बतो की दोस्ती है दरख्तों से # Nature'Love # गले लगा लू आज़ादी #श्रृंगार हुआ धरती का चमक रही बनके हरियाली #आज़ादी

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इन ऊंचे पर्बतो की दोस्ती है दरख्तों से मिल रहे है गले अपने अपनों से  समायी है पेड़ो की जड़े पर्बतो में  इस तरह कुम्हार गूंधता है मिटटी को पानी में जिस तरह  ज़मीन पे बिखरे पड़े है पत्ते फैले है  गेसू की  की तरह    पर्वतीय ज़मीन लग रही धानी चुनर की तरह  बरस रहे है सावन बनके काले मेघा सितारों की तरह  इंद्रधनुष के रंग है बिखरे लग रहा सब नया नया श्रृंगार हुआ है धरती का चमक रही बनके हरियाली परबत खड़े  साथ साथ करते उनकी है रखवाली चिड़िया पक्षी चहक रहे है झूम रही है डाली डाली मन मेरा हो गया है उपवन देख मयूर की अठखेली जी करता पंख फैला के छू लू नभ की लाली  वनफूल बन मेहकु मैं भी गले लगा लू वादी वादी 

केतु : मुक्ति, प्यास, जिज्ञासा, सबकुछ और कुछनही #अपना ध्वजा फहराने वाला #देने वाला (केतु ) गृह #आध्यात्मिक गृह #Ketu

पलाश पुष्प शंका सम थार का ग्रह मस्तकम रौद्रंम रौद्रात्मकंम गौरंम,  तं केतुम प्रणमाम्यहम अष्टभुजाय  विदमहे सूलहस्ताय धीमहि तन्नो केतु प्रचोदयात।।  केतु : मुक्ति, प्यास, जिज्ञासा, सबकुछ और कुछनही ।।  आज़ादी का बादल हो या खयालो का धुआँ मौजूदगी है हर जगह पर ध्यान है कहा ? देने वाला (केतु ) गृह है जो , आध्यात्मिक गृह है वो अपना ध्वजा फहराने वाला देश विदेश घूमनेवाला  आंखों से जो देख न पाए ,  लालच अभिमान कभी न भाए सेवा भाव, ईश्वरीय भक्ति अध्यात्म जिसको अत्यंत भाए जड़ से जो है जुड़ा हुआ,  प्रकृति में समां हुआ  कुलदेवता और पित्तरो का आशीर्वाद लिया हुआ  जो अंतर्मन में झाँक न पाया,  चैन उसको कहीं न आया ज्ञात हुआ जब खुद का उसको तभी वो ज्ञानी कहलाया  घाट घाट का पानी पीला दे , पल में बुद्धि भ्रष्ट करादे क्रोध इतना प्रचंड के उम्र भर का पछतावा करादे देने पे आये तो सर्वस्व दे , नियत देख बरक्कत दे  सहज सरल मानव को  - केतु मुक्ति का मार्ग दे  छल कपट और द्वेष से दूर ,निश्छल ,निष्पक्ष और प्रेम भरपूर  प्रभु जिसके चित में बसे केतु महराज उ...

करवाचौथ # Karwachauth # हारियाली तीज # श्रृंगार

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इत्र सी मेह्कुं हीरे सी दमकु तेरा ख्याल आये तो कुछ और निखर लू  आंखों में चमके मेरे ख्वाब सारे  लबो पे रहते है गीत  प्यारे  मेहँदी तेरे नाम की   हाथो में  रचालू  तेरा ख्याल आये तो कुछ और निखर लू  माथे पे चमके  तेरे नाम के सितारे  मंगिया में लगाके  सेन्हूरावा हमारे  परिणय हुआ तुम संग पिया रिश्ता जन्म का  ईश्वर की कृपा रहे तुमपे हमेशा  रखु करवाचौथ का व्रत मैं हमेशा।।