लम्हे | LAMHE | Heart Touching Poetry In Hindi
बीते जो लम्हे साथ में वो भूल कैसे पाएंगे , जितना दूर जायेंगे उतना ही याद आएंगे । चाहेंगे जो कभी भूलना तो मुमकिन ना कर पाएंगे , पहुंचेंगे उसी मोड़ पे जहाँ से लौट नहीं पाएंगे । मिलना तो एक खवाब है जो पूरा न हो सकेगा , वैसे ही जैसे कस्तूरी को मृग ढूंढता फिरेगा। एक चाह रह जाएगी बस तेरे पास , झूठी ही सही दिला देना आस ।। कह देना के मिलना होगा फिर एक बार , वैसे ही जैसे रहता है एक तारा चाँद के पास ।।। ।