# In Love With Nature # Attraction Of Beauty # Hindi Poetry On Love & Nature
Love With Nature उफ़ ये मौसम सुहानी सी फ़िज़ा उसपे ये अदा कैसे न हो फ़िदा फिर भी इलज़ाम कैसे नादान कातिल है कौन अब कहे कौन हार गए हम खुद ही दिल को अब तुझको इलज़ाम दे कौन ****************