शुरुवात * SHURUWAT - HINDI KAVITA
ये शुरुवात कैसी होगी ? तुझसे मुलाकात कैसी होगी ? जिसे देखने की तम्मना है मुझे ! जाने वो बरसात कैसी होगी ! एक उम्मीद बंधी होगी ! कोई फ़रियाद पूरी होगी। जिसे माँगा है दुआओं में ही , जाने वो मुराद कैसी होगी।। कुछ भीगी पलकें होंगी। थोड़ी मायूसी छायी होगी , जिसे देखे सुकून आएगा ! जाने वो सूरत कैसी होगी ? जो हर वक़्त साथ रहा मेरे ! मुझको अपनी बांहो में लिए ! जब सामने आएगा वो ! जाने वो ख़ुशी कैसी होगी ?