कैसे होती है दिल की बाते, क्या सपने भी मन पढ़ लेते, कान्हा रहते गोपियों संग
***************************************** ऐसे ही बस सोच रही हूँ सागर में मोती है कितने और तारे कितने होते नभ में क्यू है रक्त हम सब का लाल क्या होती है बाल की खाल ! कैसे चिड़िया आकाश में उड़ती और मछली ताल के भीतर तैरती क्यों कान्हा रहते गोपियों संग और बंसी की धुन करे मगन क्यों भोले की जटा से बहे गंगा और चन्द्रमा दिखे रोज़ नया नवेला क्यू अपने-अपनो से रहते दूर और मिलने को होते मजबूर क्यों गिरते आंखो से आंसू और याद दिलाते बीते कल को क्या सपने भी मन पढ़ लेते याद करो जिसे सपने में दिखते कैसे होती है दिल की बाते मैं लिखती हूँ आप पढ़ लेते :)