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Showing posts from January, 2026

Gudmorning Wishes, सुबह की चाय का इंतजार ,Morning Sun

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जैसे नन्ही कलियों को इंतजार है उगते सूरज का  वैसे ही हमको इंतजार है आपके आने का 🎊🎉

"ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " ,जय शनिदेव, न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है, शनिदेव की अदालत में हर कोई कटघड़े में खड़ा है

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  जय शनिदेव " ॐ शं शनैश्वराय नमः।। "  नीलांजन समाभांस रविपुत्रं यमाग्रजमं  l छायामार्तंडसंम्भूतं तं नमामि शनेश्वरम l। **************************************************************** नील वर्ण और छोटा कंठ टेढ़ी दृष्टि भुकटी विकराल  नेत्र लाल और धीमी चाल  एकांत प्रिये और धैर्यवान   वैराग्य पसंद और कर्म प्रधान विस्तृत पथ पे चलनेवाला पिंगल , कृष्णा छयानन्दन  शानिवार है वार इनका पुष्यआ ,अनुराधा  और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र इनका मकर और कुम्भ के राशि स्वामी  श्री कृष्णा प्रभु के भक्त है रुद्रान्तका  टेढ़ी चाल को सीधी करदे और सीधी को टेढ़ी  वक्र दृष्टि गर पड गयी प्रभु की तो खुली किताब जातक की दशा इनकी अतयंत कष्ट दायक ढैया हो या साढ़े साती  तपा के तुझको सोना करदे  जीने का उदेशय बता दे  देश विदेश की सैर करादे पल में सोना पीतल बना दे  बीमारी वैधा जान न पाए  ऐसा रोग लगा दे l l न कोई छोटा न बड़ा है,  हर कोई पंक्ति में खड़ा है  शनिदेव की अदालत में   हर एक   कटघड़े में खड़ा  है...

चंचल मन की चंचलता, राधा कृष्ण की बाट दिखा दे , Imaginations Of Person Vast than Universe

चंचल मन की चंचलता  पल में पहुचादे कलकत्ता  आँखों को दर्पण दिखला दे  बीते कलसे फिर मिलवा दे  प्रीत ऐसी  खुद को बिसरा दे  सन्यासी स हाल बना दे  पोंछे कोई जो आंसू उसके  निर्मोही संग  प्रीत बता दे  एक एक पल की गिनती में  राधा कृष्ण की बाट दिखा दे  चंचल मन की चंचलता तो  कभी हंसे और कभी  रुला दे  चाँद की  मासूमियत लिए  हर छड़ अपनी कलायें दिखाए दे  प्रेम को अपने नित दिन संजो के  चकोर को  अपने  चाँद से मिला दे  हिरानी को कस्तूरी दे  दे  उसकी जिज्ञासा भुलावा दे  मृगतृष्णा को भी झुठला  के  गोपियों संग रास रचा दे  चंचल मन की चंचला तो  आकाश मे भी गंगा बहा दे  हवा से तेज बुद्धि से तीव्र  मन की गति महादेव से मिला दे l l

बस तू शुरुवात कर , Motivatinal Poetry For Students Preparing For Higher Exams Or Competitions, प्रेरणादायक कविता, Inspirational Quotes for School & Collage Students

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भटक गया जो मार्ग से वो बीच में ही रह गया  ये बात सत्य है जो सह गया वो लह गया  भीड़ है बहुत यहां जीतने की होड़ है  तू सिर्फ आगे बढ़ता चल रुकावटें हर मोड़ है  फिक्र कुछ किए बिना जिक्र न किसी से कर  मोह माया के जाल से खुद को आजाद कर   नजर बचा के सबसे चल हर टोक एक रोक है   रुक गया अभी तो आगे ना कोई  छोर है  मूंद ले तू अपनी आंखें,  ज्ञान चक्षु खोल दे प्रयास कर प्रयास कर तू लक्ष्य अपना भेद ले  हार है क्या!  ये बस एक शब्द है  जितनी है तुझको बाज़ी वही तो संघर्ष है  कर्म ही तो पूजा है कर्म कर बस कर्म कर  जीतना है तुझको ही बस तू शुरुवात कर   

जान के सबकुछ चुप है जो बेटा तेरा बाप है वो , आजकल के प्यारे बच्चे, युवा पीढी, Etiquettes Of Young Generation, Hindi Poetry On father and son

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Instagram Facebook और YouTube में मस्त  Netflix, Prime or Mobile mein व्यस्त  क्या जाने क्या होती मेहनत  जो है ऐशो आराम से ग्रस्त  नहीं पता कुछ जिम्मेदारी  बस लंबी लंबी घास खानी  बातें है आकाश से ऊंची  वाह रे कलयुग कैसी पीढी  आँखों में है शर्म नहीं  इज्जत बड़ो की करनी नहीं  पी नहीं सकते पानी उठ के  आजकल के प्यारे बच्चे  बाप कर रहा सारे काम  बेटा बोले सीता राम  क्या बोले, कैसे समझाए  बाप , बटे का भी बोझ उठाए  निठल्ले बच्चों को आराम प्यारा  पहचानो अपनी कीमत को  दिखलाओ ये दुनिया को  नाम करो कुछ काम करो  अपना जीवन न बर्बाद करो  सीखो अपने  माँ बाप से  सारे पहलू जीवन जीने के  समझते हो अज्ञानी  जिनको  असली में है तुमसे ज्ञानी  बड़ा किया है तुमको जिसने  उनको कैसी राह दिखानी  मानो उनका इतना एहसान  उनके आगे ना दिखाओ शान  जान के सबकुछ चुप है जो  बेटा तेरा बाप है वो  II

लव यू जिंदगी, Sad Quotes On Life

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संवारा है खुद को या तबाह किया है  जिंदगी तू ही बता क्या गुनाह किया है  उठने लगी उंगलिया गैरों की भी मुझपे  अपनों ने लाके कटघरे में खड़ा किया है  आईना भी शर्मसार है अब शक्ल देखके  हर महफिल में इतना बदनाम किया है  तसव्वुर रहा ठहराव का जिंदगी में जिंदगी भर घाव पर घाव मिले हैं सुकूं के नाम पर  क्या करे इबादत तेरी बता मेरे खुदा  जब ये दुख खुद तूने मेरी किस्मत मेँ लिखा है  !!

कैसे होती है दिल की बाते, क्या सपने भी मन पढ़ लेते, कान्हा रहते गोपियों संग

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***************************************** ऐसे ही बस सोच रही हूँ   सागर में मोती है कितने और तारे कितने होते नभ में क्यू है रक्त हम सब का लाल क्या होती है बाल की खाल ! कैसे चिड़िया आकाश में उड़ती और मछली ताल के भीतर तैरती  क्यों कान्हा रहते गोपियों संग और बंसी की धुन करे मगन क्यों भोले  की जटा से बहे गंगा और चन्द्रमा दिखे रोज़ नया नवेला  क्यू अपने-अपनो से रहते दूर  और मिलने को होते मजबूर  क्यों गिरते आंखो से आंसू और याद दिलाते बीते कल को  क्या सपने भी मन पढ़ लेते याद करो जिसे सपने में दिखते कैसे होती है दिल की बाते  मैं लिखती हूँ आप  पढ़ लेते   :)

घटिया लोगों से पहचान नहीं , क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका, और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास

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प्त्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं  समझदार को इशारे की ज़रूरत नहीं  जल में रहकर मगर से बैर नहीं  और घटिया लोगों से पहचान  नहीं  ******************************************************** भला करते करते  बुरा कर गए  रकीबो से मिलके दगा  कर  गए  गले लगा के प्यार से मुझको  मेरे सीने में खंजर उतारते चते गए  ******************************************************** क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका जो  उड़ा रहा है मजाक  जमाना आपका  दिल से लिए है फैसले तो  बात मान लो जहाँ  दिल   लगे वहाँ  दिमाग  न लगाया करो ********************************************************** और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास  एक तुम  हो  और तुम्हीं हो जीने की  आस  ********************************************************************** ऐसे ही जिंदगी तेरी याद में बिताई  तकतें रहे चांद को सीने से फोटो लगाई  हर उम्मीद अपनी ना उम्मीद हो गई  जब चांद के ऊपर बदरी छा गई ...

खाली जेब की थी अपनी रईसी अपना वक़्त था के नासमझी थी

अपना वक़्त  था के नासमझी थी  जिंदगी बहुत खूबसूरत थी  थे अपने गुमान में गुम  अलग ही दुनिया थी  बातों बातों में ताली  हसी ओर ठिठोली  दिनभर गुनगुनाना  दर्पण देख मुस्कुराना  वो किस्से कहानी  रोज महफिल सजानी  झूठ बोल के रोज दोस्तों से मिलना पैसे इकठ्ठे करके फिर मूवी देखना  बाद में लगे सब अपना पराया बताने  याद आते है वो गुजारे ज़माने  खाली जेब की थी अपनी रईसी  जोड के पैसे की खाइशे पूरी  ना मोबाइल ना कोई कैमरा  जिंदगी थी एक खूबसूरत आईना