दरमियाँ - Between Eyes | Hindi Poetry On Distance Relationship | Misunderstanding Between Relations | Immense Love | दिलासा | भ्रम
दरमियाँ -Between Eyes ************************ है कौन एक तेरा सिवा उसपे भी तू दूर है ! क्या कह के दिल को समझाए जो तुझसे मिलने को मजबूर है ! रोज़ दिलासा देते है मिलना होगा ज़रूर कहते है पर सच तो दिल भी जानता है मेरे झूठ को भी पहचानता है ! बस एक गुज़ारिश तुझसे है मेरे भ्रम को भरम ही रहने दे जो दूरी तेरे मेरे दरमियाँ है बनी उन्हें आँखों के बीच ही रहने दे ।