"ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " ,जय शनिदेव, न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है, शनिदेव की अदालत में हर कोई कटघड़े में खड़ा है
" ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " नीलांजन समाभांस रविपुत्रं यमाग्रजमं l छायामार्तंडसंम्भूतं तं नमामि शनेश्वरम l। नील वर्ण और छोटा कंठ टेढ़ी दृष्टि भुकटी विकराल नेत्र लाल और धीमी चाल एकांत प्रिये और धैर्यवान वैराग्य पसंद और कर्म प्रधान विस्तृत पथ पे चलनेवाला पिंगल , कृष्णा छयानन्दन शानिवार है वार इनका पुष्यआ ,अनुराधा और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र इनका मकर और कुम्भ के राशि स्वामी श्री कृष्णा प्रभु के भक्त है रुद्रान्तका टेढ़ी चाल को सीधी करदे और सीधी को टेढ़ी वक्र दृष्टि गर पड गयी प्रभु की तो खुली किताब जातक की दशा इनकी अतयंत कष्ट दायक ढैया हो या साढ़े साती तपा के तुझको सोना करदे जीने का उदेशय बता दे देश विदेश की सैर करादे पल में सोना पीतल बना दे बीमारी वैधा जान न पाए ऐसा रोग लगा दे l न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है शनिदेव की अदालत में हर कोई कटघड़े में खड़ा है न्याय के देवता न्याय ही करते आज नहीं तो कल कर्मो का फल देते जो बोया है वो काटना पड़े...