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इतरा रहा है खुद पर चाँद बेईमान

ठहरा हुआ आसमान है चल रहे है तारे  कहता है चांद हम भी साथ है तुम्हारे  छुप रहा बादलों में यूँ करके इशारे  देखता हूं रात कैसे बीते बिन हमारे  शोभा है आसमान की ओर तारों की शान  इतरा रहा है खुद पर चाँद बेईमान  रोज नया रूप है और रोज ही कलाएं  कैसे कोई चाँद को दिल से लगाए  देख के जिसको मन भरमाय दीदार ऐसा के रैन कट जाए  रात भी जिसको गले से लगाए  अंधियारे को दूर भगाए  सफर का साथी जो बन जाए  ऐसा मीत सबको भाए  जो बिन बोले दिल की.....  बात समझ जाए....

वो उम्र फिर नहीं आनी, Love, Care, Memories of Love - TheMisVi

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टिमटिमाते हुए तारे है आँखों के सामने  कहते है रात रोशन है हम है साथ में  पूर्ववा चल रही है यू के याद आ रहा  हाथों में हाथ डालकर वो साथ चल रहा  खूबसूरत रात और खूबसूरत हो गई  खयाल तेरा आया चाँद की चाँदनी बढ़ गई  आँखों से नीद न जाने कब चली गई  करके तारों से तेरी बातें जागती रही  बड़े गौर से सुन रहे  तारे मेरी जुबानी  चाँद कह रहा अपना दिल थामे...... अफसोस वो उम्र फिर नहीं आनी.....       

अनपढ़ समाज और भ्रष्ट नेता चुप करा रहा शिक्षित जनता

ना जाने कब आँख वाले अंधे हो गए  पैरों में बेड़ियाँ डाल कैदी हो गए  सच का ज्ञान हुआ तो निशब्द हो गए  चार लोग क्या कहेंगे ये सोच के हैरान हो गए   शिक्षा, ज्ञान, बात व्यवहार ये सब बेकार हो गये  मूर्खों की संगत में रह कर ग्वार हो गए  पढ़े लिखे को शीशा दिखा अनपढ़ भी समझदार हो गए   लाल बत्ती भी उठा रही जूता ऐसा नेता सरकार हो गए  झूठी खबर छप रही अखबार में आम भी खास हो गए  पाँव दबा रहे सरकारी नौकर अंगूठा छाप ज्ञान दे रहे  अफवाहें उठ रही जंगल के आग सी अब गधे पंजीरी खा रहे  मौन हो गए ज्ञानी सभी देखा जब सब भेड़ चाल चल रहे  आँखों पर बाँध ली पट्टी, कानो में ठेठी डाल ली.. मुश्किल है उसको समझाना जिसने सत्य ना मानने की जिद ठान ली.........  

ऐसी अहमियत रखता है कोई- दिल को छू जाने वाली शायरी

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चलते हुए जो रोक लेती .... ऐसी यादों से मिलाता है कोई  भूलें भी तो भूल न पाए  ऐसी अहमियत रखता है कोई  दस्तक दरवाजे पे देता है कोई  पुरानी कहानियों को पढ़ता है कोई कुछ ना कहके.. सबकुछ कह दे  ऐसी शख्सियत रखता है कोई  आज भी है और कल भी रहेगा  इतना प्यार जताता है कोई  आँखों में जिसका अक्स दिखे  ऐसी नसीबियत रखता है कोई  मेरे आज को मेरे कल से मिलाता है कोई  खुद से जादा विश्वास करता है कोई  मन्नत के धागे बाँधता है कोई  फर्क़ जिसपे ता उम्र रहेगा  ऐसी वसीयत रखता है कोई 

चित्तकबरा सियार और जंगल का राजा l ग़द्दार का अंत होता बुरा है विश्वास तोड़ना किसी का बहुत बुरा है

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बात है बरसातों की जंगल के जानवरों की अत्याधिक बारिश और जल भराव के कारण बुरी हालत थी पशुऊ की... खाने को कुछ घास नहीं थी पेड़ पत्तियाँ सब भीग गई थी व्याकुल थे पशु भूख से और परेशान थे प्रकृति की मार से  बिलों और गुफाओं में पानी था भर गया फिसलन और कीचड़ से बुरा हाल था हो गया  टूटी थीं ना जाने कितनी शाखाएं बेघर हुए थे मासूम कीट पक्षी और नन्ही लताएँ  भीषण बारिश और तेज हवाएं जल मग्न जंगल और मेघ बिजली चटकाए  डरे थे सभी पक्षी.. पीपल नीचे बैठक लगाए क्या करे आगे कुछ युक्ति लगाए  शेर बोला अब तो कुछ करना पड़ेगा वर्ना यारों सबको मरना पड़ेगा  भेड़िया बोला जंगल अब छोडना पड़ेगा डेरा कहीं और अब लगाना पड़ेगा  चुप था चितकबरा सियार ना कुछ बोलता था आँखों में आंसू भर रो रहा था  लोमड़ी बोली कुछ उपाय बताओ मुश्किल समय में चितकबरे ना आंसू बहाओ  सियार अपनी होशियारी में था मौकापरस्त शिकार की फ़िराक़ में था  बोला किसी पशु को बलि देनी पड़ेगी ये मूसलाधार बारिश तभी रुकेगी  जानवर थे मौन ना कुछ बोलते थे एक दूसरे को बस देखते थे  हाथी बोला किसकी बलि देंगे सभी भूख ...

Prerna- Har Kahani Ki Shuruwaat Sangarsh Se Hogi -Motivational Hindi Kavita

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