किसी को तो अपना लगो # Ashaars #Life
***************************************************************************** मसरूफ है इस कदर इस ज़िन्दगी मे रूबरू है हर पहर एक नयी कशीदगी मे || दिन की शुरुवात है और दिन ख़तम हो चला रोज़ की तरह यूँही फिर ऐतबार हो चला || कह रही है वादियाँ, दरख्त और ये क्षितिज सुकूं को जो तुझको दे रहा वो साथ साथ चल रहा || तमाशबीन है सभी और मौन हर शक़्स है क्या दिलो में चल रहा ये जानता कौन है || कोई मिले कही कभी तो हाल उसका पूछ लो इस मतलबी ज़हान में किसी को तो अपना लगो ||