अयोध्या। सियाराम कथा। DIWALI IN AYODHYA
अयोध्या- सियाराम कथा हुआ राम सीता का ऐसा मिलन ! देख कर रह गए सब उनको मगन । रूप का एक सागर माँ जनक नंदनीं और कमल नयन अपने श्री राम जी । । हुआ ब्याह राम का सीता के संग पर संजोग ऐसा , मिला चौदह साल का वन ! सिया राम संग लक्ष्मण भी वन को चले । छोड़ कर मोह , माया और अयोध्या को तज । । रोते बिलखते सभी वियोग में रह गए , पर रघुपति पर अपने वचन से न डिगे । किया पालन माँ की आज्ञा का जो , फिर न किया संकोच किसी बात को । । आयी बिपदा बड़ी ही वनवास में , देखा रावण ने मैथिलि को जब कुटिया में । धरा रूप भिक्षु का तब दुष्ट ने , अपहरण किया देवी का दशानन ने । । अंत को अपने खुद लंकापति ने न्योता दिया , श्री राम की महिमा को जो अनदेखा किया । राम सन्देश बैदेही ...