ልጥፎች

ልጥፎችን ከመለያ तभी बजी घंटी मां ने आवाज लगाई ጋር በማሳየት ላይ

राजू का काजू प्रेम # ध्यान अपना रखना अहम बात है # माँ बस मुझे दे दो काजू

ምስል
एक लड़का था राजू  बहुत खाता था काजू दिन भर शैतानी और मनमानी  रोज़ कक्छा में बस डाँट खानी था वो गरीब , माँ नौकरी  करती  थी काजू की फैक्ट्री में काम करती थी बाप था मिस्त्री घर था बनाता  बेटे को बहुत प्यार था करता  एक दिन माँ ने छुपा के रखे थे काजू बेचने  थे पडोसी  को रुपये थे जुटाने  देखे जो काजू राजू ने तरकीब लगाई मेज पर चढ़कर अपनी  लम्बाई बढाई नन्ही हथेलियों को उसने बरनी में डाला  भरी दोनों मुट्ठी पर उन्हें निकाल न पाया बरनी का मुँह छोटा  था  और हाथ फंसे थे  दर्द से उसकी आँखों से आंसू निकले थे रो - रो के माँ माँ चिल्ला रहा था मेज़ से उतरने में डर रहा था  आवाज रोने की  पड़ोसी सुन रहे थे खुली थी खिड़की उसको समझा रहे थे पहले छोड़ो काजू फिर एक हाथ निकालो उसके बाद  दूसरे हाथ को निकालो राजू बोला फिर ना काजू मिलेगा  खाली हाथ बरनी से नहीं निकलेगा हस रहे थे पडोसी पर वो रो रहा था कैसे निकलेगा काजू सोच रहा था  थक गया रोते रोते और कराहते  छोड़े काजू उसने...