Value & Respect Yourself First
किसी को अपनी भी खबर न रहे कोई ऐसे भी बेख़बर न रहे लुटा के दिल की दौलत गैरों पे हाथ अपने कभी खाली न रहे मसरूफ इतना न रहे खिदमत में के सर्दी, गर्मी बरसात एक जैसे लगे संवारते हर दम न रहे भूल के खुदको के आईना भी कहने लगे अब देख लो मुझको जिंदगी कहती है कुछ होश है तुमको बीत रही है जो वापस ला सकते हो उसको ? हर कदम एक शोर होता रहे ना हो ऐसा के गुरूर टूटता रहे ओझह ऐसी ना हो के दोस्त मेरे कोई अपना, अपनी नजर से गिरता रहे