नियति * Niyati - हिंदी कविता
नियति - Destiny ************************************************ लिखना है पर शब्द कहाँ है सोचते है पर ध्यान कहाँ है कोई बता दे हुआ क्या है हम है यहाँ पर दिल कहाँ है ? है एक सन्नाटा पसरा हुआ हर कोना अकेले में बसा हुआ कोई बता दे ये आलम क्या है हम है मौन बाकियुओं को हुआ क्या है ? सब रास्ते है रुके हुए पर भीड़ में सब चल रहे कोई बता दे जाना कहाँ है हम है तैयार अब जीना कहाँ है ? है एक धुंध छायी हुई ! हर शख्स को भरमाई हुई कोई बता दे ये नियति क्या है जिंदगी तो ठीक है कल का भरोसा क्या है !