अल्हड़पन * ALAHDPAN - HINDI POEM | FREESOUL | SELFLOVE | BE YOU | LOVE YOURSELF
Pls Listen ALAHDPAN to experience more realistic poetry by single click on below Image . ****************************************** BE YOU **************************************** खुले आस्मां के तले धुन में अपनी मस्त रहे आवारा बादल जैसे जिधर चाहा उधर चल दिए एक नौका पतवार बिना आप अपनी मंज़िल तय करे मज़ा रहा इस जीने में जब नदिया खुद अपना मार्ग चुने है यही ज़िन्दगी ! फूलों और काँटों से भरी है खुद से मेरा अपना मिलन मैं और मेरा अल्हड़पन जिया है जिसे मैंने मान के वरदान सजन ।