झूठ | Hindi Poetry On Immaturity | फितरत
| फितरत |
और कितना झूठ है सच में तेरे
फितरत तो तेरी जान ली यार हमने
क्या कहे तुझको ?
तू तो अपनी समझदारी में है !
खो दिया है सबकुछ
फिर भी होशियारी में है !!
| फितरत |
और कितना झूठ है सच में तेरे
फितरत तो तेरी जान ली यार हमने
क्या कहे तुझको ?
तू तो अपनी समझदारी में है !
खो दिया है सबकुछ
फिर भी होशियारी में है !!
,true baat
जवाब देंहटाएंWah kya baat kahi..such mein
जवाब देंहटाएंFrom Neelu
Waah kya baat hai
जवाब देंहटाएंसच कहा आपने।
जवाब देंहटाएं𝑺𝒖𝒑𝒂𝒓𝒃 𝒅𝒊𝒅𝒊👌👌
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