आज़ादी | Freedom Of Thoughts & Equality | Motivational Poetry For Believe In Yourself | Be You

 

आज़ादी 












सभी बंधनों से अलग 

एक खास बंधन में बंधी हूँ

आज़ादी हूँ मैं

सिर्फ अपने विचारों से जुडी हूँ। 


जात पात का भेद नहीं है

मेरा किसी से बैर नहीं है

है सभी रंगो पे अभिमान 

हर मज़हब में आस्था रही है। 


मान सम्मान अधिकार सभी के

मुझको तो बस खुद पे यकीं है 

रोक टोक से दूर बहुत मैं 

जो हो सबके हित में वही , सही है। 


परखू मैं इस दुनिया को

अपने ख्याल और अनुभव लिए 

हूँ अपने आप में मुकम्मल 

अपनी एक  पहचान लिए। 


सीमाएं मेरी कोई नहीं

फैली हूँ खुशबू की तरह

पाने चाहे हर कोई मुझे

हाँ, आज़ादी है नाम मेरा। 

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Comments

Popular One's