ख्याल | four lines on Khayal or Care |Short Poetry on Love
| ख्याल |
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*** ख्याल ****
हर वक़्त और हर पहर
क्या शाम और क्या सहर
तेरा ख्याल है मुझे
रहूँ चाहे किसी शहर !
| ख्याल |
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*** ख्याल ****
हर वक़्त और हर पहर
क्या शाम और क्या सहर
तेरा ख्याल है मुझे
रहूँ चाहे किसी शहर !
Wow nice 👏
जवाब देंहटाएंOSM LINES....
जवाब देंहटाएंवाह बहुत ही खूबसूरत।
जवाब देंहटाएंNice :-) :-)
जवाब देंहटाएंसही लिखा आप ने सुंदरता अपने मन मे होती है सुंदरता किसी शहर कि जागीर नही है। राम राम
जवाब देंहटाएंBeautiful khayal👌🏻👌🏻👌🏻
जवाब देंहटाएंLovely Thoughts
जवाब देंहटाएंHume bhi kuch logo ki khayal aati hai but logo ke pass to time hi nahi
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