दिल्लगी * हिंदी कविता, habbit, love and friendship

Pls Listen DILLAGI  to experience  more realistic poetry  by single click on below Image .

सारा कसूर एक नज़र का है,
मेरा दिल तेरी ही डगर का है। 
❤❤

आदत है तुझको देखने की मुझे,
माज़रा ये सारा दिल्लगी का है। 
💙💙

दोष ये मेरा अकेले का नहीं, 
हाल ये हर एक रांझे का है।। 

💜💜     ******************

Comments

Post a Comment

Comments