Tuesday, September 17, 2024

किसी को तो अपना लगो # Ashaars #Life


 










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मसरूफ है इस कदर इस ज़िन्दगी मे 

रूबरू है हर पहर एक नयी कशीदगी मे ||

 दिन की शुरुवात है और दिन ख़तम हो चला 

रोज़ की तरह यूँही फिर ऐतबार हो चला ||

 कह रही है वादियाँ, दरख्त और ये क्षितिज 

सुकूं को जो तुझको दे रहा वो साथ साथ चल रहा ||

तमाशबीन है सभी और मौन हर शक़्स है 

क्या दिलो में चल रहा ये जानता कौन है ||

कोई मिले कही कभी तो हाल उसका पूछ लो 

इस मतलबी ज़हान में किसी को तो अपना लगो ||

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