ልጥፎች

ከ2021 ልጥፎች በማሳየት ላይ

श्री कृष्णा भक्ति | KRISHNA BHAKTI | KANHA STATUS | RADHEY KRISHNA

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  Shri Krishna Bhakti  मैं   हार के सबकुछ जीत गयी  ! कान्हा    तुझ संग जो प्रीत लगी  ।  ये  दुनियादारी सब झूठ लगे   ! होता  तुझपे  ऐतबार मुझे  ! अबतो अपनी शरण में लेलो  ।     भगवन  ! मुझको भी दर्शन देदो ।।   Kindly Listen Short Bhajan On Shri Krishna  

जीवन सफ़र - JIVAN SAFAR |The Real Life

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जीवन सफ़र किसी को मिली धूप तो किसी को छाँव मिल गयी  , किसी को हरयाली ज़मीन  तो किसी को बंज़र मिल गयी ।  दोष तो किसी का नहीं ये तो वक़्त की माया है कभी नाँव पानी में कभी नाँव में पानी समाया है ।  किसी ने पाए मोती   तो किसी को मिली रेत गहरा ये जीवन समुन्दर बस नसीबो का है खेल।  किसी की नैया डूबी   तो किसी की पार लग गयी   कभी खुशियां  रही मुट्ठी में तो कभी रेत सी फिसल गयी  है बस एक मिटटी की काया ! जिसपे तू इतना इतराया और कुछ नहीं   है  पास तेरे , जो है बस ईश्वर का साया !!

झूला | JHULA | KIDS POEM | बच्चों की कविता | CHILDHOOD MEMORIES | CHILDREN'S LIFE | PLAYGROUND | FUNTIME

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 झूला CHILDREN'S LIFE ******************************************************* हर दिन का खेला  बच्चो का झूला   होता जिसका इंतज़ार एक लम्बी कतार     सुबह से दोपहर दोपहर से शाम बस खेलना और खेलना न एक पल का आराम    बार बार गिरना मिटटी का  झड़ना  पूरे दिन की मस्ती  किताबों से कट्टी याद रह जाएँगी  बचपन की यादें   वो पार्क का झूला  भागना और छुपना   माँ का बुलाना  फिर नया बहाना  घर जाके पिटना रोना और चिल्लाना   बस अब नहीं खेलेंगे    बार बार  दोहराना  सबकी माँ अच्छी है बस आप ही ख़राब  देखो फिर भी करता हूँ   माँ ,  मैं  आपसे    प्यार  !

PAHELI | HINDI POETRY ON A GIRL | LIFE | WAITING PERIOD | SILENCE | LOVE

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चुप है और चंचल भी  , लगती हंसमुख कुछ अपनी सी  एक अनकही कहानी है , ये लड़की  जानी पहचानी है  ।  है एक पहेली सी ! रहती है शरमायी सी  अपने को खुद में समेटे हुए  दिखती है हर शाम मुझे ।  एक नया रंग लिए हुए । ।  आवाज़ है सुनी हुई  एक झंकार ली हुई , आँखें भी है ठहरी हुई , कुछ मुझसे कहती हुई ।  सोचता हूँ  पूछ लू ! क्यों  इतनी ख़ामोशी है , है किसी का इंतज़ार ! या फिर यही ज़िन्दगी है ।।

वृन्दावन धाम | कृष्णा भक्ति |DEVOTIONAL POETRY ON SHRI KRISHNA | FAITH IN GOD | RAINBOW COLOURS OF GOD

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krishna Bhakti तेरी राह पे जबसे  है  चल पड़े  ! बस कदम मेरे तेरी और बढ़े ।  कोई पूछे अगर के जाना कहाँ ?   कह दू वृन्दावन मैं धाम तेरा   ।  है कैसी कशिश तुझमे ये तो बता ? ध्यान रहे तुझपे क्यू मेरा सदा ! देखती तुझको  मैं   रह जाऊ ! सौंप  तुझको  सब निश्चिन्त हो जाऊ  । लीन हो जाऊ तेरी भक्ति में मैं , और इंद्रधनुषी रंगो में तेरे रंग जाऊ   । मन चाहे तेरी शरण में रह जाऊ ! बनु रज तेरे चरणों की और  तर जाऊ ।  ।   Kindly Listen Short Bhajan On Shri Krishna

किनारे | KINARE | Hindi Poetry on Distance Relationship | Love Relations

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Kinare  फासले किनारों के बस यूँ ही बढ़ गए एक दूसरे से मिलने की चाह में  कितने आगे निकल गए ।  गहराई भी तो नापी न गयी नदी की कभी कोशिशे  की भी तो बस रेत हाथ लगी ।  एक सोच का फर्क जो बदल न सका  कमी तो पुल की थी जो कोई बन न सका  ।  खाइशें किनारों की आखिर  बदल गयी किस्मत के आगे उनकी न चली ।  अबतो नदी के किनारे भी बदल गए   जो पहले किनारे रहते थे ,  वो अब किनारे कर गए । ।  #Short video on Kinaare...

नशा परहेज | AVOID INTOXICATION | POETRY ON TEACHINGS & REGRET OF AN ADDICT PERSON TAKING ALCOHOL | POETRY ON BAD HABBITS LIKE ALCOHAL AND OTHER DRUGS

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NASHA PARHEJ भटक गया मैं  अपनी  राह से ख़ुशी और गम  मे ! आ गया बातों  मे  दोस्तो  पिछड़ गया अपने लक्ष्य से  ।  खो गया सिगग्रेट के धुएँ और ताश के पत्तो मे  ! डुबो दिया खुद को मैंने  शराब  की   लत मे ।  रहना था नशे से  दूर  इसके ही करीब हो गया ! चौपट कर भविष्य अपना एक नसेड़ी बन  गया  ।  धूम्रपान की आदत ऐसी लगी मुझे  फिर न किसी की बात सही लगी मुझे  ! घर परिवार से दूर लड़खड़ाता मैं रहा  अनजान सड़कों पे न जाने कब सो गया।  कहाँ  गिरा पता नहीं  जो चोट लगी उसका अंदाज़ा नहीं  ! हर दिन एक नया झूठ बोल के  में  अपनी नज़र से ही गिर  गया  ।  गलती अपनी न सुधार  सकूँ ना किसी का आदर्श बन  सकूँ   ! नशे से हो गया साथ मेरा ! जो उतरने से पहले ही चढ़ गया  । घर ग्रहस्ती सब ख़तम हुई  इज़त मेरी बेइज़्ज़ज़त हुई ! पत्नी बच्चे  है  सब दुखी  अपनी ज़िन्दगी मैंने खुद बर्बाद की   । हूँ आगे बहुत निकल चुका ! नशे म...

कमज़ोर डोर | # HINDI POETRY ON MISUNDERSTANDINGS

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कमज़ोर डोर  कमज़ोर डोर -   Divorce Or Sepration  ******************************************* कहनी थी तुमसे बात जो, वो अधूरी रह गयी  खाई थी जो कसम वो कसम भी रह गयी  सवाल ऐसे थे के कुछ  कह  न  सके हम  जो कटी रात आंखों में वो रात रह गयी गलतफैमियूं का इलाज  कर न सके हम    जो सच थी  बात   वो  अनकही ही रह गयी क्या खबर थी के धोखा होगा हमें   आइना भी चेहरा अलग दिखायेगा हमें पछतावा है अपने अभिमान पे हमें  मान रहे थे जिसे अपना वही सजा देगा हमें  ऐसी भी क्या मजबूरी कभी बात न हुई  दूरी इतनी भी न थी के तय न हुई  रिश्ता तो क्या निभता यार अपना ! डोर तो पहले ही कमज़ोर थी गांठ और पड़ गयी।  

आदत | HABBIT OF LOVE | ROMANTIC POETRY | POETRY FOR VALENTINE | FRIENDSHIP DAY

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Pls  Listen  Habbit - of love  to experience  more realistic poetry  by single click on below Image . आंखों को तुझे देखने की आदत सी हो गयी ! हर दिन तेरे साथ गुज़रे ये फरियाद हो गयी ।  अब जी न सकेंगे यार  तेरे बैगर तू मेरे जीने की  वजह जो हो गयी  ।           ये कैसा प्यार हुआ मुझको मेरे यार ? के  खुद को भूलने की  बात आम हो गयी ।  तेरी ही फ़िक्र में बीते मेरे तो दिन और रात ! ज़िक्र तेरा ही हो चाहे  रहूं किसी के साथ ।  तेरे होने से जो चेहरे पे मुस्कान है मेरे  ! तेरी कही  हर बात मेरे लिए ख़ास हो गयी।  बिगड़ गयी आदते  मेरी साथ रह के तेरे ! आदतों को मेरी तेरी आदत जो पड़ गयी । । हो जैसे फूलो संग खुशबू और सावन संग बरसात , वैसे ही मैं भी तेरे संग रह  गयी  । ।   Aadat - Of Love

वजह | WAJAH | Reason Of Living | Short Love poetry

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WAJAH       आंखों को तुझे देखने की                आदत सी हो गयी      हर दिन तेरे साथ गुज़रे ये      फरियाद हो गयी    ,      अब जी न सकेंगे यार       हम  तेरे बैगर     तू मेरे जीने की     वजह जो हो गयी  ।                                                                                                        

बता दे मुझे | BATA DE MUJHE | HINDI KAVITA | LIVING TOGETHER | LOVE & HAPPINESS

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Pls  Listen BATA DE MUJHE   to experience  more realistic poetry  by single click on below Image . एक बार फिर बता दे मुझे , है कितना प्यार मुझसे जता दे मुझे ।  माना के ज़रूरत नहीं दिखावे की तुझे  ! फिर भी दिल बहलाने के लिए बता दे मुझे ।   जानती हूँ ! दुआओं में  तेरी में ही तो हूँ  ! क्यू न फिर एक बार खुदा से मांग ले मुझे ।  है  तनहा  तू भी इस जहान में  !  आ साथ दे मेरा  और अपने गम देदे मुझे ।   ये इश्क़ ही तो ज़िन्दगी है जो जी रहे है हम  ! भूल जा इसमें खुद को और गले लगा ले मुझे ।।  इन दूरियूं  को अपनी नज़्दीकियूं में बदल दे  ! और बाकी की ज़िन्दगी आ मिल के जी ले ।।।।    Bataa De Mujhe 

विश्वास | VISHWAS | Short Poetry On Love & Trust | Ehsaas | दोस्त | FRIENDSHIP

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एहसास      ********** कोई कैसे बताये के कितना प्यार है ! हर वक़्त जो साथ रहे ऐसा एहसास  है ! यूं नहीं थामा है हाथ तेरा दोस्त ! खुद से ज़्यादा मुझे तुझपे विश्वास है ।  Vishwas 

कल | KAL | Short Poetry On Past | Missing | Memories | Truth Of Life

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       Short Poetry On Past क्या खबर थी की ऐसा वक़्त होगा जो सोचा न कभी वो हक़ीक़त होगा , जो रहता था आंखों के सामने हमेशा वो आज एक बीता हुआ कल होगा !!

कॉंच का टुकड़ा # KAANCH KA TUKDA # Memories Of Past

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             कॉंच का टुकड़ा ********************************************* ये दर्पण मुझसे अब खेलने लगा  बीते समय में मुझे  ले जाने लगा  हटती नहीं है नज़र इससे अब  मुझे मेरे अतीत से मिलाने लगा  ।  कभी माँ की ममता से मिला दिया  और पलकों को मेरी भिगो दिया।  कभी  बचपन मुझे फिरसे दिखा दिया  जिसको भूले मुझे एक ज़माना हुआ  ।  कभी पुराने दोस्तो से मिला दिया  बिंदास ज़िन्दगी को दिखा दिया।  कोई हसीं खवाब जैसे में देखने लगी  फिर न आईना से मेरी नज़रे  हटी।  मुस्कुराती हुई एक छवि भी दिखी  साथ रहने के जिसके संग कस्मे हुई कैसे बीते थे दिन कैसे बीती थी रात  दर्पण भी खुश था देख के ऐसा प्यार।  एक सजी हुई दुल्हन भी मुझको दिखी   भूल बाबुल का घर जो पी घर चली।  जो  बंधी थी बस प्यार के बंधन से ही  जानती थी बस प्रेम की भाषा को ही।  थे अरमान जिसके बस मिलके चले  बीती ज़िन्दगी को भूल बस खुश रहे।  क्या पता था अंजाम क्या होगा ? शीशा जिसके साथ खे...

दोस्ती | Friendship | Love | Hindi Poetry on Friends | Poetry on Happy Friendship day

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Pls  Listen DOSTI   to experience  more realistic poetry  by single click on above  Image . हर शाम साथ गुज़ारी है  ज़िन्दगी थोड़ी नहीं पूरी तूने बिगाड़ी  है  और कितनी तारीफ करे दोस्त तेरी हम  एकसाथ रहने के लिए मार भी हमने खाई है  हर दिन एक नया झूठ बोला है  दोस्ती को कभी न तोला है   तेरे साथ रहने के लिए दोस्त मेरे हॉलिडे को भी वर्किंग बोला  है  इतनी शिद्दत से तो पढाई न की कभी  जितनी शिद्दत से निभी दोस्ती अपनी   माना शिकायत रही सबको हमसे बहुत   फिर भी  बरक़रार रही  दोस्ती अपनी  साथ रहे हम हमेशा  दुआँ है यही  बस दोस्ती को अपनी  कभी नज़र लगे नहीं ।   

Poetry On Love | Poetry on Friendship # दिल के पास

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दिल के पास *************************** तू दिल के इतने पास है के तेरी चाहत का एहसास है तू बेशक मुझपे  विश्वास न कर पर मुझको सिर्फ तुझसे प्यार है।

Love Poetry | Shayari Status in Hindi |

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ये  कैसी  मोहब्ब्बत है ? अब , इससे हमें शिकायत है।  क्यू इसका दुःख हमें दुखी करे ? ये कैसी इसकी चाहत है ?

Only Love | Sad Poetry

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 चेहरा तेरा आंखों में बसे                                             ख्याल तेरा  मेरे  दिल में रहे।   ये कैसी मोहब्बत है तेरी ?  जितना भूलू इसे  ! उतनी तेरी याद आए ।।     

भारतीय वीर | हिंदी कविता | Patriotic Poem | देशभक्ति पर कविता | Hindi Poem On 26th January | Hindi Kavita On Independence Day

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Listen Bhartiya Veer to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image .       **  भारतीय वीर  **   ये भारतीय वीर की गाथा है , जो चट्टानों से लड़ना जानता  है।  क्या अन्धकार और कैसा डर ! ये निडर होके - आगे बढ़ना  जानता  है।  न दुश्मन के आगे हारा है , न पीछे कदम हटाया है ये वो फौलादी सीना है , जो भारतिय जवान कहलाता है।।  कितनी ही जंगे जीती है।  कितनो को घाट उतारा है।  इनकी शान का क्या कहना ! हमेशा विजय का बिगुल बजाया है।  है इनकी  बिसात  में कमी  नहीं , लक्ष्य से इनको - भटका सकते नहीं  ।    इनकी दृढता के आगे , दुष्मन भी टेके घुटना अपना।  ज़ज़्बे को इनके सलाम है।  भारत देश को इनपे अभीमान है।  उस माँ को कोटि कोटि प्रणाम है , जिसके लाल ने - देश के लिए - दी अपनी जान है।  है इनकी शूरता में इतना दम ,   शत्रु को मारे घर में घुसकर ।   हे-वीर सिपाही भारत के !   भारत देश करे तुझको नमन।।  ...

लम्हे | LAMHE | Heart Touching Poetry In Hindi

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बीते जो लम्हे साथ में वो भूल कैसे  पाएंगे , जितना दूर जायेंगे उतना ही याद आएंगे ।  चाहेंगे जो कभी भूलना तो मुमकिन ना  कर पाएंगे , पहुंचेंगे उसी मोड़ पे जहाँ से लौट नहीं पाएंगे ।  मिलना तो एक खवाब है जो पूरा न हो सकेगा , वैसे ही जैसे कस्तूरी को मृग ढूंढता फिरेगा।  एक चाह रह जाएगी बस तेरे पास , झूठी ही सही दिला देना आस ।।  कह देना के मिलना होगा फिर एक बार , वैसे ही जैसे रहता है एक तारा चाँद के पास ।।। । 

Short Poetry On love

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  मेरे इश्क़ ने तुझे खुदा बना दिया ! जो कह न सके किसी से कभी ,  तुझसे कह दिया ! अब और क्या कहे हमसफ़र मेरे , तेरी चाह में हमने खुद को भुला दिया। 

MOTIVATIONAL QUOTE | प्रेरणादायक सुविचार | THOUGHT FOR LIFE

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ये दुःख भी बहुत जरूरी है जो सुख को परिभाषित करता है।  बिन दुःख के सुख का मूल्य नहीं , जो सुख का अनुभव कराता है । । 

FOUR LINES ON LOVE & COMPROMISE | समझौता | SHORT POETRY

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छोटी सी ज़िन्दगी में कितना नाराज़ रहोगे ? आ जाओ सुलह करलो हमेशा याद रहोगे।  ऐसी भी क्या बात जो  इतना खफा हो ! इंतज़ार हुआ बहुत बस अब न सजा दो।। 

Motivational Quote | प्रेरणादायक सुविचार | Thought for Life

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 हर शुरुवात कठिन होगी   हर रास्ते पे ठोकरे होंगी।   है इसी का नाम ज़िन्दगी !  आगे बढ़ के ही जीत हासिल होगी  ।  ।  Kindly watch short video on  Motivational Quote

सुविचार | आज का सुविचार | THOUGHT OF THE DAY

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कार्य करने से पहले सोच लो के परिणाम क्या होगा , बिन सोचे जो कार्य किया तो सिर्फ पछतावा होगा । 

सुविचार | MOTIVATINOL QUOTE

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न संकोच करो बस चल पड़ो जहाँ मंज़िल है उधर बढ़ो   । रुकावटे तो इम्तिहान है  ! इन्हे उत्तीर्ण कर सफल बनो  ।।

मजबूर |MAJBOOR | HINDI KAVITA

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क्यों इतना मजबूर है  हाथ कलम है  मेरे पर शब्दों से दूर है ।  क्यों इतना मजबूर  है  रास्ता तो है पर मंज़िल से दूर है ।   क्यू इतना मजबूर है  करीब है तेरे पर नज़रों से दूर  है।  क्यों इतना मजबूर है  मोहब्बत है पर इज़हार से दूर है  । ।  क्यों इतना मजबूर है  मोती की तरह सीप से दूर है   । ।  क्यों इतना मजबूर है  तू मुझमे है पर हम खुद से दूर है    । । । 

कसूर |KASOOR | HINDI KAVITA

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Pls  Listen KASOOR to experience  more realistic poetry  by single click on below   Image . साथी तेरे साथ ने असर ये किया मुझे खुद से  भी   बेखबर कर दिया , हाल पूछा किसी ने जो मेरा कभी  हाले दिल हमने बयां कर  दिया  ।  तेरे पहलू में आके पता ये चला है करना फ़िज़ूल तुझसे गिला , तेरा तो  कोई कसूर नहीं  जहाँ चाह नहीं   वहां जाना कहाँ  ! है चाहतो का खेल ये सब पिया    जीता  जो  इसमें समझो  हारा जिया !!

सुबह की चाय | Morning Tea | Short Poetry

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 सुबह की चाय *********************************** ये उगती सी धूप महके से गुलाब धीरे से कहना , कैसे है आप ? बस यही है मेरे लिए  सुबह की चाय , जनाब !!

ख्याल | four lines on Khayal or Care |Short Poetry on Love

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ख्याल        *****************************************   ***  ख्याल  ****                 हर वक़्त और हर पहर क्या शाम और क्या सहर  तेरा ख्याल है मुझे  रहूँ चाहे किसी शहर !

फेयरवेल * विदाई समारोह (कविता ) FAREWELL Poem to Boss or Officers | Goodbye Msg For Coaches & Teachers

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 फेयरवेल - विदाई समारोह   ******************************************************** सर जी ,   ................... आपके साथ बीते जो दिन वो यादगार बन गए  आपका साहसी , संकल्पी और दृढ़ निश्चयी अंदाज़  आपकी पहचान बन गए  स्टाफ के साथ मिलके रहना  आशावादी होना और हमेशा खुश रहना  आप तो दूसरों के लिए मिसाल बन गए।  आँखें है नम और सबको है गम   आपका साथ हमारे लिए था एक उजली किरण  पारस हो आप , चेहरे पे एक तेज लिए हुए  कम न हो जिसका शौर्य  ऐसी हस्ती लिए हुए ।  आपके साथ काम किया  ये किस्मत है हमारी  फेयरवेल के दिन  आपके  है  विनती  हमारी  हो आपकी उन्नति  हमेशा और मिले कामयाबी    सर , आपको  सलाम है  आपके साथ काम करना हम सबके लिए अभिमान है धन्यवाद

दुःख - दर्द | हिन्द कविता | DUKH - DARD |

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दुःख - दर्द ****************************************** ये दर्द सुकून देता  है  ये तकलीफ भली लगती है इस दुःख से शिकायत कैसी , ये ख़ुशी जान लेती है।  ये दर्द जिया है मैंने इसकी अब मुझको आदत है न जाने ख़ुशी कैसी होगी , जो सिर्फ सुनाई देती है।  हाँ , जी है मैंने थोड़ी से कुछ खट्टी सी कुछ मीठी सी  फिर भी दुःख का मज़ा लिया , जो मुझे छोड़ कभी गया नहीं।  ये दुःख भी बहुत जरूरी है जो सुख को परिभाषित करता है बिन दुःख के सुख का मूल्य नहीं , जो सुख का अनुभव कराता है | में सुखी खुद को समझाता  हूँ जो दुःख मेरे संग रहता है में इसको खूब समझाता  हूँ , ये मुझको खूब समझता है ।   मैंने  अब  इससे दोस्ती कर ली ये मुझको प्यारा लगता है ये नहीं रहता जब पास मेरे  , कुछ खाली खाली लगता है   दोस्तों सच पूछो तो  दुःख मेरा सच्चा साथी है मेरे  सारे संगी छूट गए !  बस इसकी यारी बाकी है।  ये सुख मुझे ख़ुशी क्या देगा , जब दुःख का पलड़ा भारी है । । MisVi Poetry

अयोध्या। सियाराम कथा। DIWALI IN AYODHYA

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अयोध्या- सियाराम कथा हुआ राम सीता का ऐसा मिलन ! देख कर रह  गए सब उनको मगन  ।  रूप का एक सागर  माँ जनक नंदनीं  और कमल नयन अपने  श्री राम जी  । ।  हुआ ब्याह राम का सीता के  संग  पर संजोग ऐसा , मिला चौदह साल का वन ! सिया राम संग लक्ष्मण भी वन को चले  ।  छोड़ कर मोह , माया  और  अयोध्या को तज   । ।  रोते बिलखते  सभी  वियोग में रह गए ,   पर  रघुपति   पर  अपने वचन से  न  डिगे  ।  किया पालन माँ की आज्ञा का जो , फिर न किया संकोच किसी बात को । ।  आयी बिपदा बड़ी ही वनवास में , देखा रावण ने मैथिलि  को जब कुटिया में   ।  धरा रूप भिक्षु का तब दुष्ट ने , अपहरण  किया  देवी का  दशानन ने   ।  ।       अंत को  अपने  खुद लंकापति   ने न्योता दिया ,   श्री राम की महिमा को जो अनदेखा किया   ।   राम सन्देश  बैदेही ...