दोस्ती | Friendship | Love | Hindi Poetry on Friends | Poetry on Happy Friendship day
Pls Listen DOSTI to experience more realistic poetry by single click on above Image .
हर शाम साथ गुज़ारी है
ज़िन्दगी थोड़ी नहीं पूरी तूने बिगाड़ी है
और कितनी तारीफ करे दोस्त तेरी हम
एकसाथ रहने के लिए मार भी हमने खाई है
हर दिन एक नया झूठ बोला है
दोस्ती को कभी न तोला है
तेरे साथ रहने के लिए दोस्त मेरे
हॉलिडे को भी वर्किंग बोला है
इतनी शिद्दत से तो पढाई न की कभी
जितनी शिद्दत से निभी दोस्ती अपनी
माना शिकायत रही सबको हमसे बहुत
फिर भी बरक़रार रही दोस्ती अपनी
साथ रहे हम हमेशा
दुआँ है यही
बस दोस्ती को अपनी
कभी नज़र लगे नहीं ।
Wah wah
ምላሽ ይስጡሰርዝDilpreet
Waah amazing poetry
ምላሽ ይስጡሰርዝTrue friendship
ምላሽ ይስጡሰርዝ