जान के सबकुछ चुप है जो बेटा तेरा बाप है वो , आजकल के प्यारे बच्चे, युवा पीढी, Etiquettes Of Young Generation, Hindi Poetry On father and son
Instagram Facebook और YouTube में मस्त
Netflix, Prime or Mobile mein व्यस्त
क्या जाने क्या होती मेहनत
जो है ऐशो आराम से ग्रस्त
नहीं पता कुछ जिम्मेदारी
बस लंबी लंबी घास खानी
बातें है आकाश से ऊंची
वाह रे कलयुग कैसी पीढी
आँखों में है शर्म नहीं
इज्जत बड़ो की करनी नहीं
पी नहीं सकते पानी उठ के
आजकल के प्यारे बच्चे
बाप कर रहा सारे काम
बेटा बोले सीता राम
क्या बोले, कैसे समझाए
बाप , बटे का भी बोझ उठाए
निठल्ले बच्चों को आराम प्यारा
पहचानो अपनी कीमत को
दिखलाओ ये दुनिया को
नाम करो कुछ काम करो
अपना जीवन न बर्बाद करो
सीखो अपने माँ बाप से
सारे पहलू जीवन जीने के
समझते हो अज्ञानी जिनको
असली में है तुमसे ज्ञानी
बड़ा किया है तुमको जिसने
उनको कैसी राह दिखानी
मानो उनका इतना एहसान
उनके आगे ना दिखाओ शान
जान के सबकुछ चुप है जो
बेटा तेरा बाप है वो II

Bhot achhi.... Poem hai jivan ka sach hai
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