कसूर |KASOOR | HINDI KAVITA

Pls Listen KASOOR to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image .



साथी तेरे साथ ने असर ये किया

मुझे खुद से भी  बेखबर कर दिया ,

हाल पूछा किसी ने जो मेरा कभी 

हाले दिल हमने बयां कर  दिया । 


तेरे पहलू में आके पता ये चला

है करना फ़िज़ूल तुझसे गिला ,

तेरा तो  कोई कसूर नहीं 

जहाँ चाह नहीं  वहां जाना कहाँ  !


है चाहतो का खेल ये सब पिया  

जीता जो इसमें समझो  हारा जिया !!






Comments

Post a Comment

Comments