नियति * Niyati - हिंदी कविता

नियति - Destiny


************************************************


लिखना है पर शब्द कहाँ है 

सोचते है पर ध्यान कहाँ है 

कोई बता दे  हुआ क्या है 

हम है यहाँ  पर दिल कहाँ है ?


है एक  सन्नाटा पसरा हुआ 

हर कोना अकेले में  बसा हुआ

कोई बता दे  ये आलम क्या है  

हम है मौन  बाकियुओं को हुआ क्या है ? 


सब रास्ते है   रुके हुए 

पर भीड़ में सब चल रहे 

कोई बता दे जाना कहाँ है 

हम है तैयार अब जीना कहाँ है ?


है एक धुंध छायी हुई !

हर शख्स को  भरमाई हुई 

कोई बता दे  ये नियति  क्या है 

जिंदगी तो ठीक है   

कल का भरोसा क्या है !

                        

 

 

         


टिप्पणियाँ

  1. आपने अपनी इन पंक्तियों से आज के इस भागदौड़ का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है।जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है।

    सतीश।

    जवाब देंहटाएं
  2. Sach me great poem......
    Aap hmari filings kese smjh jate ho...,😘.....k

    जवाब देंहटाएं
  3. कोई बता दे * ये नियति क्या है ?

    जिंदगी तो ठीक है !! कल का भरोसा क्या है ?

    Every time.. I feel like reading this poem

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

Comments

Popular One's