अल्हड़पन पर कविता- Alhadpan poetry on freedom

Pls Listen ALAHDPAN to experience  more realistic poetry  by single click on below Image .


******************************************

BE YOU









****************************************

खुले आस्मां के तले 
धुन में अपनी मस्त रहे

आवारा बादल जैसे 
जिधर चाहा  उधर चल दिए 

एक नौका पतवार बिना 
आप अपनी मंज़िल तय करे

मज़ा रहा इस जीने में 
जब नदिया  खुद अपना मार्ग चुने

है  यही  ज़िन्दगी !
फूलों और काँटों से भरी

है खुद से मेरा अपना मिलन 
मैं और मेरा अल्हड़पन  

जिया है जिसे मैंने 
मान के वरदान सजन ।


Alhadpan Hindi Kavita on freedom and self love by Vinita Mishra

टिप्पणियाँ

  1. वाह क्या खूब सूरत दुनिया बसाया बहुत सुंदर,❤️🌹 दिल मे
    By Ram Ram

    जवाब देंहटाएं
  2. आस्मां के तले अपना मिलन हो
    अपनी मंज़िल तय करे l अपना मार्ग चुनने मज़ा रहे इसे जीने में
    मेरा तेरा मिलन अल्हड़पन हो ll

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

Comments

Popular One's