वो उम्र फिर नहीं आनी
टिमटिमाते हुए तारे है आँखों के सामने
कहते है रात रोशन है हम है साथ में
पूर्ववा चल रही है यू के याद आ रहा
हाथों में हाथ डालकर वो साथ चल रहा
खूबसूरत रात ये और खूबसूरत हो गई
खयाल तेरा आया और चाँद की चाँदनी बढ़ गई
आँखों से नीद न जाने कब चली गई
करके तारों से तेरी बातें जागती रही
बड़े गौर से सुन रहे थे तारे मेरी जुबानी
चाँद कह रहा दिल थामे......
वो उम्र फिर नहीं आनी ll
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