# वही शाम, Sad Poetry On Missing Love, Memories & Old Remembrance

Memories Of Love
 वही शाम - Memories

 


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चली है फिर तेरे यादो की आँधी 
और साथ ले आयी वही शाम पुरानी


फिर कैद कर लिया तेरे साये ने मुझको 
और तेज़ हो गयी धड़कने हमारी


रह गए सब अरमान सीने में दबकर 
साथ रह गयी है बस कहानियां हमारी


फिर पुकारा है किसी ने नाम से तुम्हारे 
है अब  तुम्हारे  नाम से ही पहचान हमारी।
   


                                                                                


 


አስተያየቶች

  1. आप के कविता का भाव दिल को हिला देता है इतनी भाव पूर्ण लिखना भी ठीक नही जो हर किसी पर लागू हो l
    रविन्द्र पाण्डेय

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