कृष्ण लीला - Krishna Lilaa | Radhe krishna | Vrindawan Dham | krishna Bhakti | Janmashtmi Special

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 *** कृष्ण लीला ***

इतनी सरल नहीं  
ये प्रेम की गलियां है 
क्या मोल दोगे तुम !
यहाँ सब कृष्णा लीला है ।      
             
न काला है न गोरा है 
यहाँ बस प्रेम का रंग है। 
तू रंगेगा इसी  रंग में 
जो प्यारे श्याम का रंग है। 

ना हार है ना जीत है !
बस कृष्ण के संग प्रीत है 
जो रमता इनकी भक्ति में ,
मिलता उसको मन का मीत है। 

ना तेरा है  ना मेरा है 
ये जीवन उसकी रचना है 
तू क्या जाने उस छलिया को !
जो सबके दिल पे छाया है। 

न खोना है न पाना  है 
यही सबकुछ रह जाना है। 
तू कौन ? तेरी पहचान क्या ?
ये तो  ईश्वर की काया है। 

जो होना है वही होगा 
यहाँ सब उसकी माया है 
क्यों सोचना इतना ! 
जब सर पे उसकी छाया है।। 




 

አስተያየቶች

  1. कृष्ण का वर्णन करने को तो
    शब्दों का महासागर भी कम है,
    पर इस कविता की तुलना किस्से करें ?
    जब आपकी भावनाओं में इतना दम है।। 😇👼

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  2. सत की नाव खेवहिया सतगुरु, भवसागर तर आयो।

    मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख-हरख जस पायो।।

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  3. वाह बहुत बढ़िया लिखा हैI

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  4. Dear Friends and unknowns***Please write your names aswell.
    I really want to know.. Thanks :))

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Comments