गुलज़ार *हिंदी कविता - GULZAR HINDI POEM
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याद दिलाते तेरी ..हर बात।
ये गुलाब, मोगरा और चन्दन !
महके अब भी ..मेरे अंदर।
ये गजरा ,बिंदी, चूड़ी, पायल
सजते अब भी.. मुझे पे साजन।
ये प्यार , गिला तुझसे तकरार !
सब याद दिलाता ..तेरा इंतज़ार। फिर सुनी !तेरे दिल की बात
होके एक दूजे के साथ।
भूली मैं खुद को फिर एक बार,
होके एक दूजे के साथ।
भूली मैं खुद को फिर एक बार,

👏👏👏
ምላሽ ይስጡሰርዝLovely poem..
ምላሽ ይስጡሰርዝयाद दिलाते तेरी,,, हर बात
ምላሽ ይስጡሰርዝये प्यार गिला तुझसे तकरार
भुला मैं खुद को फिर एक बार
महके अब भी,, मेरे अंदर
Kya sundar jod ka tod
ምላሽ ይስጡሰርዝआह भी वाह भी है
Dil par vaar 💘
ምላሽ ይስጡሰርዝ:)
ሰርዝAapka koi jawaab nahi🌹
ምላሽ ይስጡሰርዝShukriya jii..
ሰርዝbhot khubsurat kvita hai.... well done....k
ምላሽ ይስጡሰርዝVvv nice didi
ምላሽ ይስጡሰርዝSupar
ምላሽ ይስጡሰርዝGulzar🌹🍀🌿🍁🌱🌼🌺
ምላሽ ይስጡሰርዝThanks for precious comments 💐
ምላሽ ይስጡሰርዝ