Life Of Alcohol Addict, Bad habbits of alcohol , Drawback of drinking
बोतल में खुद को कैद कर लिया
और अपने दुखों को बढ़ा लिया
भूल जाते सारे दर्द हम.. पर
दो घूंट पीके जख्म ताजा कर लिया
सब सही और मैं गलत
इस बात पे खुदको राजी कर लिया
सुबह का भूला ग़र शाम आए
इस कहावत को अपना गुलाम कर लिया
.
मान लेते हैं अपनी गलती
रात गई और बात गई
इस बात को अपना
तकिया कलाम कर लिया
यार भी है और प्यार भी है
मेरा सच्चा दिलदार भी है
छूट गए है सारे साथी
पर इसकी यारी बाकी है
डूब गया हूं इसमे इतना
कुछ खोने का गम नहीं
बस कोई पहुचा दो घर
मुझको अब कुछ याद नहीं
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