Friday, June 16, 2023

ऐसे प्रिय को कौन सताए

प्रिय







ज़िद्दी स्वाभाव बचकानी हरकते    

अपनी मनमानी और तेवर तीखे


रोते हुए को भी हँसा दे 

चेहरा देख के हाल बता दे 


कोई बहाना जहां चल न पाए

हर बात पे कसम उठाये 


परवाह ऐसी अधिकार जताये 

कोई कबतक नज़र चुराए


 गुस्से में भी इतना सत्कार 

आप के अलावा कोई शब्द न आए 


खुद से ज़ादा परवाह करे जो

ऐसे प्रिय को कौन सताए 

2 comments:

Comments

Favourites

तोतू My Lucky Parrot, परिंदो के लिए ही बना आसमान है

है एक कहानी तोतू की  मेरे प्यारे से तोते की मिला था अँधेरी रात में फसा था किवाड़ की आड़ में था बस महीने भर का सहमा हुआ सोचा क्या करू अब इसका  ...

Popular