वजह | WAJAH | Reason Of Living | Short Love poetry
| WAJAH |
आंखों को तुझे देखने की
आदत सी हो गयी
हर दिन तेरे साथ गुज़रे ये
फरियाद हो गयी ,
अब जी न सकेंगे यार
हम तेरे बैगर
तू मेरे जीने की
वजह जो हो गयी ।
| WAJAH |
आंखों को तुझे देखने की
आदत सी हो गयी
हर दिन तेरे साथ गुज़रे ये
फरियाद हो गयी ,
अब जी न सकेंगे यार
हम तेरे बैगर
तू मेरे जीने की
वजह जो हो गयी ।
wow !!
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंआप कि कविता का जितना वर्णन किया जाए कम है
जवाब देंहटाएंNice
जवाब देंहटाएं𝐺𝑗𝑏 𝑑𝑖𝑑𝑖 𝑠𝑢𝑝𝑎𝑟
जवाब देंहटाएंThanku all :)
जवाब देंहटाएंGhazab ki kavita
जवाब देंहटाएंGhazab ki kavita
जवाब देंहटाएंGhazab ki kavita
जवाब देंहटाएंWah g Wah !what a lovely lines
जवाब देंहटाएंFrom Neelu
Wow👍👌🏻❤💓👏👏
जवाब देंहटाएंइतनी ज्यादा निर्भरता ठीक नही वैसे...😊
जवाब देंहटाएंThanku friends, :))
जवाब देंहटाएं