PAHELI | HINDI POETRY ON A GIRL | LIFE | WAITING PERIOD | SILENCE | LOVE
चुप है और चंचल भी ,
लगती हंसमुख कुछ अपनी सी
एक अनकही कहानी है ,
ये लड़की जानी पहचानी है ।
है एक पहेली सी !
रहती है शरमायी सी
अपने को खुद में समेटे हुए
दिखती है हर शाम मुझे ।
एक नया रंग लिए हुए । ।
आवाज़ है सुनी हुई
एक झंकार ली हुई ,
आँखें भी है ठहरी हुई ,
कुछ मुझसे कहती हुई ।
सोचता हूँ पूछ लू !
क्यों इतनी ख़ामोशी है ,
है किसी का इंतज़ार !
या फिर यही ज़िन्दगी है ।।
Bhot santi or shor hai aapki poem me bikul ek behti nadi ki trh......k
जवाब देंहटाएंअब किसी का इंतजार नहीं।
जवाब देंहटाएंज़िन्दगी ही ऐसी हो गयी है एकदम शांत।
Soo True
जवाब देंहटाएंPaheli......Mast hai
जवाब देंहटाएंLovely 😍..pray to God that everything will be good in your life.
जवाब देंहटाएंBy Neelu
Love your blog, soo creative....
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