सावन HINDI KAVITA * SAWAAN, Spring
तेरे संग इस सावन में
आ भीगे जमके बारिश में
भूलके सारी दुनियादारी
आ जी ले इस मौसम में
मयूर हुआ मन मेरा
रूप और निखर गया
रिम झिम फुआरों में प्रीतम
दिल अपना तुमको दिया
आ भीगे जमके बारिश में
भूलके सारी दुनियादारी
आ जी ले इस मौसम में
मयूर हुआ मन मेरा
रूप और निखर गया
रिम झिम फुआरों में प्रीतम
दिल अपना तुमको दिया
मेघ भी देखो बरस रहे
चेहरों पे छिटकी मुस्कान
हो गया सब जल मगन
हो गया सब जल मगन
अब तो आजा तू भी साजन
BARIS ka mosm upre se aapki kavita wah wah ......... k
जवाब देंहटाएंNice 👍
जवाब देंहटाएंBahut Sundar ..
जवाब देंहटाएंMohabbt brsa dena tum savan aya h . devika
जवाब देंहटाएंThank.U. Friends :)
हटाएंबहुत बढ़िया।
जवाब देंहटाएंसतीश।
Baarish aur aapki kavita ....... Kamaal 💙
जवाब देंहटाएंAya savan jhoom ke kya baat 👏👏
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंWow 👌👌
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