सावन HINDI KAVITA * SAWAAN, Spring

तेरे संग इस सावन में
आ भीगे जमके बारिश में
भूलके सारी दुनियादारी
आ जी ले इस मौसम में

मयूर हुआ  मन मेरा
रूप और निखर गया
रिम झिम फुआरों में प्रीतम
दिल अपना तुमको दिया 

मेघ भी देखो बरस रहे 
चेहरों पे छिटकी मुस्कान
हो गया  सब जल मगन 
अब तो आजा तू भी साजन  

                                    






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