पहली मुलाकात - First Love

पहली  मुलाकात  







याद है मुझको पहली मुलाकात

वो महक वो जूनून और उसपे बरसात,

 
वो हाथों में हाथ और तेरे ज़ज़्बात

वो वादे वो एहसास और तेरा विश्वास 

 
वो चेहरे का नूर और अपना फितूर 

एक आलिंगन और दिल की धड़कन,

 
तेरे दिल के इतने पास 

याद है मुझको पहली मुलाकात 



















सच्चा प्यार एक एहसास की तरह है 
राधा कृष्ण के नाम की तरह है 
ना मिलके भी जो मिल जाए 
वो एक पाक विश्वास की तरह है 


 

 












 



 

टिप्पणियाँ

  1. आप किस शाखा कि कविता लिखती है प्रेम , करुणा, भक्ति ये नही समझ आता है l
    रविंद्र पाण्डेय

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  2. आपकी पंक्तियाँ बहुत सुंदर, तेज़ और प्रभावी है।

    जवाब देंहटाएं
  3. क्या क्या लिखे शब्दों कि कड़ी में मे शब्द शब्दों मे रस रस में स्वाद स्वाद में भाव भाव में प्रभाव ( सब कुछ शब्दों के भाव का खेल ) R k pandey

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