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अक्टूबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चाँद - रात का साथी | CHAND - RAAT KA SAATHI | Hindi Kavita

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Pls  Listen CHAND - Raat Kaa Saathii   to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image . चाहू चाँद में तुझे चुरा लू .. दुनिया की नज़रों से  तुझको छुपा लू ! देदू इतना प्यार तुझे मैं  धरती और अम्बर की दूरी मिटा दू ! इतनी बातें तुझसे करलू ! रात का तुझको साथी चुन लू  ! साथ में तेरे मिलके   ऐ  चाँद  दुनिया की मैं  सैर करलू ! चाँदनी  को तेरी  अपना गहना बना लू ! शीतलता को अपने मन में बसा लू ! मान लू अपना   चाँद   🌛   तुझे मैं  और तुझको अपने माथे  🌙 पे सजा लू !! 

फिर कह दो .. | Fir Keh Doo | Sad Poetry On Love

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फिर कह दो एकबार फिर कह दो ... जो झूठ है , वही कह दो ... साथ छोड़ा है  तुमने ही ! पर दोष हमें दे दो !!  एकबार फिर कह दो ... रिश्ता क्या है ? कह दो ... तुमसे निभाया न गया ! साथ  हमने  छोड़ा .. कह दो !! एकबार फिर कह दो ... हम गलत है ! कह दो ... तुमसे जो की .. उम्मीद ! उसकी सज़ा दे दो !!         ******** Kindly watch Short video On FIR KEH DO 

पतंग | हिंदी कविता | PATANG | Poem on Kite

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पतंग ************************************************* बीती है जो तेरे संग  जीये  है बस वही पल  यादें है  उन्ही लम्हों की  जब थी पतंग डोर  के संग ! हर दिन एक नयी कहानी थी  आस्मां से ऊपर पतंग उड़ानी थी  थे आकाश में फैले हुए  बस  रंग प्यार के बिखरे हुए ! वो भी क्या रंगीन शाम थी  डोर हाथ में और पतंग तेरे नाम की  एक डर था मुझे  कहीं पतंग न कट जाये  डोर रहे  बस हाथ मेरे  और , तू आंखों से ओझल हो जाये  !

प्रिय -हिंदी कविता #Poetry On Valentine's Day

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प्रिय- Love Poetry   ****************************************************************************** क्यों न प्यार करले  ऐसे मौसम  में   है सबकुछ भुला दिया तेरी चाहत ने  मिले जबसे तुम कोयल कुहकने लगी  हर डाली पे  कलियाँ हैं खिलने लगी।  उम्मीद की किरण फिर जगने लगी  तेरी संगत से  दुनिया बदलने लगी  ये  चाँद  और खूबसूरत लगने लगा   चांदनी भी अपनी  बरसाने लगा  उल्लास ज़र्रे ज़र्रे  में दिखने लगा  मन उपवन फूलों सा  महकने लगा  अब तो  आइना भी  तेरी सूरत दिखाने लगा  और  बड़ा सा  दिन  छोटा लगने लगा क्यों न प्यार करले  ऐसे मौसम  में  ! ये समां मुझे  अपने प्रिय से मिलाने  लगा  !

सफर - हिंदी कविता | Hindi Poem On Safar - The Journey Of Life..

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Pls  Listen SAFAR to experience  more realistic poetry  by single click on below Image .    Safar - The Journey Of Life..  सफर - The Journey Of Life.    ************************************** जिंदगी रही सफर में  सफर ही जिंदगी रहा   कभी अकेले रहे हम  कभी साथ किसी का मिल गया  । बीता सफर यूँ जैसा के   पलकें झुकी मेरी  आंखें खुली  तो पाया  हाथों से लकीरें ही मिट गयी । मिले सफर में जो  मेरे अपने ख़ास थे  मूँद लू आंखें  तो चेहरे वही दिखे  छूट गए  जो  सफर में वो भी अज़ीज़ थे  हम कुछ नहीं थे उनके पर वो मेरे करीब थे ! ज़िन्दगी सफर में खुद से रूबरू कराती रही मुझे  है सफर ही ज़िन्दगी बस बताती रही मुझे  जो मिल गया मुझे वो भी मेरा नहीं  बस इसी बात का एहसास कराती रही मुझे  !

संसार * SANSAAR - HINDI POEM

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चलो कुछ बात करे , आज एक साथ रहे ।  कुछ तुम हमसे कहो , हम तुमसे कहे ।  फिर छेड़े पुराने किस्से * कोई  पूरानी *  तान सुने , चलो कुछ बात करे।  फिर  तुमसे -  एकबार   मिले ! सूरत को तेरी निहारे  ।   तेरी आँखों से दिल में उतरके ! अपना  तुझको बना ले  ।  फिर चुपके से  * पास आके ! सारी   दूरियां  अपनी   मिटा दे ।।  और  फिर  कह्दे *  एकबार , है !  तुझसे ही ,  मेरा संसार  ।।।। 

मोहब्बत * Shayari

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इश्क़ हम * तुझसे डरते है ! ये प्यार न हो * बस कहते है ! जीते जी * जो मार दे  ... ! मोहब्बत *  उसी   को  कहते है !!

शुरुवात * SHURUWAT - HINDI KAVITA

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ये शुरुवात कैसी होगी ? तुझसे मुलाकात कैसी होगी ? जिसे देखने की तम्मना है मुझे ! जाने वो बरसात कैसी होगी !  एक उम्मीद बंधी होगी ! कोई  फ़रियाद पूरी होगी।  जिसे माँगा है  दुआओं   में ही , जाने वो मुराद कैसी होगी।।  कुछ भीगी पलकें होंगी।  थोड़ी मायूसी छायी होगी , जिसे देखे सुकून आएगा ! जाने वो सूरत कैसी होगी ? जो हर वक़्त साथ रहा मेरे ! मुझको अपनी बांहो में लिए ! जब सामने आएगा वो ! जाने वो ख़ुशी कैसी होगी ?   

लोह पथ गामिनी - रेल : रेलयात्रा * हिंदी कविता - RHYTHMIC POEM ON TRAINS JOURNEY

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Pls  Listen RAILYATRA  to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image .           **** रेलयात्रा *****  रेल : रेलयात्रा    ************************************************* लहरों सी लहराती जाये  सीटी बजाती धुआं उड़ाती जाये  कोई न रोक सके रफ़्तार  लोह पथ गामिनी ये कहलाये दुनिया भर का  बोझ उठाये  रात और दिन का सफर कराये  सबसे उत्तम इसकी  सवारी  सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी  भ्रमण रेल का  मन भरमाये   कुल्हड़ की चाय  जी ललचाये  चाट पकोड़ी  चटनी कचौड़ी  सब्ज़ी - पूरी  भूख बढ़ाये । रेल की दोस्ती  याद रह जाये  छोटी मुलाकातें बड़ी बातें कराये  मिलजुल के हमें  रहना सिखाये  भेदभाव की भावना  मिटाये  नगरी नगरी सबको पहुचाये  दोस्तो, रिश्तेदारों से हमें मिलाये  कश्मीर से कन्याकुमारी की  यात्रा  ये आसान बनाये मंज़िल से ज़ादा  सफर का मज़ा है  होता सबको उल्लास बड़ा है...

नियति Niyati - हिंदी कविता

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Niyati Destiny Hindi kavita by Vinita Mishra लिखना है पर शब्द कहाँ है  सोचते है पर ध्यान कहाँ है  कोई बता दे  हुआ क्या है  हम है यहाँ  पर दिल कहाँ है  है एक  सन्नाटा पसरा हुआ  हर कोना अकेले में  बसा हुआ कोई बता दे  ये आलम क्या है   हम है मौन   बाकियुओं  को हुआ क्या है   सब रास्ते है  रुके हुए  पर भीड़ में सब चल रहे  कोई बता दे जाना कहाँ है  हम है तैयार अब जीना कहाँ है  है एक धुंध छायी हुई  हर शख्स को  भरमाई हुई  कोई बता दे  ये नियति  क्या है  जिंदगी तो ठीक है    कल का भरोसा क्या है                                              

चाँद संग चकोर - Ek Armanoo Bhari Hindi Kavita | CHAND SANG CHAKOR By Vinita Mishra

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Pls  Listen CHAND sang CHAKOR   to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image .  Chand sang chakor hindi kavita by Vinita Mishra, romantic moon and chakor bird love poetry TheMisVi.com किसी रोज़ तेरे साथ में  तारो की  छाओं में     ले हाथों को हाथ में  चांदनी  रात में  जियेंगे  कुछ पल   साथ में   हो समां वो खुशनुमा  एक चाह में लिपटा हुआ  के    देखू जब मैं आईना  तेरा चेहरा ही मुझे दिखे   उस रात  की   न भोर हो  बस सुकुन चहु और हो  हो जुगनू  जगमगा रहे  हो  एक आस में  चमक  रहे  के  मिलना  तेरा मेरा हो  न   दरमियाँ    कोई  रहे दिल  मेरा यही कहे  के  अब  चकोर  चाँद  संग    रहे   Vinita Mishra  The misvi.com   

कुसुम * #Birth Of A Child #Poetry On Baby Shower

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Birth - God's Grace ********************************************** ये सफर खूबसूरत  लगता है।  शाख से  कोई फूल गिरा लगता है , आती  है   जिसकी खुशबू  मुझे   वो मुझे अपना ही अंश लगता  है  सौम्य , मासूम , नटखट और खूबसूरत   जो   मुझे   माँ कहके बुलाता है  एक ही   विधाता की  संतान है हम  वो मुझे  उनका ही स्वरुप लगता है  चाहू उसे   हरदम   खिलता हुआ देखू  वो मुझे   अपने आप  में  एक चमन लगता है । क्या किस्मत होगी  उस माली की  जिसकी  बगिया में   उस जैसा   कुसुम  खिलता है  !

# In Love With Nature # Attraction Of Beauty # Hindi Poetry On Love & Nature

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Love With Nature उफ़ ये मौसम  सुहानी सी फ़िज़ा  उसपे ये अदा  कैसे न हो फ़िदा  फिर भी इलज़ाम    कैसे नादान  कातिल है कौन  अब  कहे कौन    हार गए   हम खुद ही दिल को  अब   तुझको इलज़ाम दे कौन             ****************

अल्हड़पन पर कविता- Alhadpan poetry on freedom

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Pls  Listen ALAHDPAN to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image . ****************************************** BE YOU **************************************** खुले आस्मां के तले  धुन में अपनी मस्त रहे आवारा बादल जैसे  जिधर चाहा  उधर चल दिए  एक नौका पतवार बिना  आप अपनी मंज़िल तय करे मज़ा रहा इस जीने में  जब नदिया  खुद अपना मार्ग चुने है  यही  ज़िन्दगी ! फूलों और काँटों से भरी है खुद से मेरा अपना मिलन  मैं और मेरा अल्हड़पन   जिया है जिसे मैंने  मान के वरदान सजन । Alhadpan Hindi Kavita on freedom and self love by Vinita Mishra

नज़रअंदाज़ - Short Poetry On Ignorance Or Avoidance In Love

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 नज़रअंदाज़  ******************************* एक अरसा हुआ मिले  तेरी मेरी बात हुए  और कितना इंतज़ार करे  सोचते है तेरी तरह  हम भी तुझे नज़रअंदाज़ करे !