Chanchal Man Ki Chanchalta, Radha Krishna Ki Baat Dikha De | Vinita Mishra
Chanchal Man Ki Chanchalta Radha Krishna Ki Baat Hindi Kavita by Vinita Mishra - Radha Krishna bansuri chandni raat चंचल मन की चंचलता पल में पहुचादे कलकत्ता आँखों को दर्पण दिखला दे बीते कलसे फिर मिलवा दे प्रीत ऐसी खुद को बिसरा दे सन्यासी स हाल बना दे पोंछे कोई जो आंसू उसके निर्मोही संग प्रीत बता दे एक एक पल की गिनती में राधा कृष्ण की बाट दिखा दे चंचल मन की चंचलता तो कभी हंसे और कभी रुला दे चाँद की मासूमियत लिए हर छड़ अपनी कलायें दिखाए दे प्रेम को अपने नित दिन संजो के चकोर को अपने चाँद से मिला दे हिरानी को कस्तूरी दे दे उसकी जिज्ञासा भुलावा दे मृगतृष्णा को भी झुठला के गोपियों संग रास रचा दे चंचल मन की चंचला तो आकाश मे भी गंगा बहा दे हवा से तेज बुद्धि से तीव्र मन की गति महादेव से मिला दे l l