Dastak Deti Ek Aahat Hai - Mohabbat Shayari | Vinita Mishra
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दस्तक देती एक आहट है
क्या अब भी हमें मोह्हबत है
दिल कहता है तुझसे मिल आउ
क्या तेरी भी यही चाहत है
तेरा साथ बहुत भाया है मुझे
काफी समय साथ बिताया हमने
ये अंदाज़ा मेरा गलत होगा
के तू भूल गया है मुझे
अब आहट पे यकीं हो चला
कोई है जो मुझसे कह रहा
क्या अब भी तू मेरे साथ है
हाँ कह दिया मैंने
तेरी परछाई की आदत है
है फिर महसूस किया ,
हर रूप में तेरा रूप दिखा
हाँ मुझको यकीं ये हो गया
के मुझको तुझसे मोहब्बत है
क्या अब भी हमें मोह्हबत है
दिल कहता है तुझसे मिल आउ
क्या तेरी भी यही चाहत है
तेरा साथ बहुत भाया है मुझे
काफी समय साथ बिताया हमने
ये अंदाज़ा मेरा गलत होगा
के तू भूल गया है मुझे
अब आहट पे यकीं हो चला
कोई है जो मुझसे कह रहा
क्या अब भी तू मेरे साथ है
हाँ कह दिया मैंने
तेरी परछाई की आदत है
है फिर महसूस किया ,
हर रूप में तेरा रूप दिखा
हाँ मुझको यकीं ये हो गया
के मुझको तुझसे मोहब्बत है
और तुझको भी मेरी ज़रूरत है
Vinita Mishra
Themisvi.com


Humein aapki zrurat hai ,
जवाब देंहटाएंKyuki aapki kavita badi khoobsurat hai !!💖
💜💜
हटाएंsab kuch to keh hi diya ham kya kahe... bss aapki poems ki jarurt hai..... :) k
जवाब देंहटाएंk
Sure K! I'll write more for you🙂
हटाएंVery nice
जवाब देंहटाएंVery nice
जवाब देंहटाएंबहुत खूब👏👏👏
जवाब देंहटाएंHamen bhi aap ki parchhaiyan ki Aadat hai🤩🤩
जवाब देंहटाएंSupar didi
जवाब देंहटाएंमहसूस किया ,
जवाब देंहटाएंहर रूप में तेरा रूप दिखा।
हाँ , मुझको यकीं ये हो गया !
के, मुझको तुझसे मोहब्बत है।
और - तुझको भी मेरी ज़रूरत है।।
मां सरस्वती कि कृपा आप पर बनी रहे।
रवींद्र पाण्डेय
👏👏
जवाब देंहटाएंThanku all
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