Dastak Deti Ek Aahat Hai - Mohabbat Shayari | Vinita Mishra


   
     




 













दस्तक देती एक आहट है
क्या अब भी हमें मोह्हबत है
दिल कहता है तुझसे मिल आउ 
क्या तेरी भी यही चाहत है 

तेरा साथ बहुत भाया है मुझे 
काफी समय साथ बिताया हमने 
ये अंदाज़ा मेरा गलत होगा
के  तू भूल गया है मुझे

अब आहट पे यकीं हो चला 
कोई है जो मुझसे कह रहा
क्या अब भी तू मेरे साथ है 
हाँ कह दिया मैंने 
तेरी परछाई की आदत है

है फिर महसूस किया ,
हर रूप में तेरा रूप दिखा
हाँ मुझको यकीं ये हो गया 
के मुझको तुझसे मोहब्बत है
और तुझको भी मेरी ज़रूरत है     

Vinita Mishra 
Themisvi.com                             

टिप्पणियाँ

  1. Humein aapki zrurat hai ,
    Kyuki aapki kavita badi khoobsurat hai !!💖

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  2. sab kuch to keh hi diya ham kya kahe... bss aapki poems ki jarurt hai..... :) k








    k

    जवाब देंहटाएं
  3. महसूस किया ,
    हर रूप में तेरा रूप दिखा।

    हाँ , मुझको यकीं ये हो गया !

    के, मुझको तुझसे मोहब्बत है।

    और - तुझको भी मेरी ज़रूरत है।।
    मां सरस्वती कि कृपा आप पर बनी रहे।
    रवींद्र पाण्डेय

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