Poetry on Trust, विस्वास, प्रभु कृपा #मेरे भोलेनाथ












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ये दिया विश्वास का है 

मन्दिर में जलती लॉ का हैं 

गुग्गल की खुशबू में 

आरती की आस्था का है 

पुजारी की पूजा में 

फूल माला प्रसाद का है 

शंख की ध्वनि में 

फैली हुई गूंज का है 

पूरे जगत को चला रही 

उस शक्ति का है 

हम सबके भीतर बसे

अपने इष्ट का है

ये दिया विश्वास का है  l l 




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