नज़रअंदाज़ - Short Poetry On Ignorance Or Avoidance In Love
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एक अरसा हुआ मिले
तेरी मेरी बात हुए
और कितना इंतज़ार करेसोचते है तेरी तरह
हम भी तुझे नज़रअंदाज़ करे !
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एक अरसा हुआ मिले
तेरी मेरी बात हुए
और कितना इंतज़ार करेहम भी तुझे नज़रअंदाज़ करे !
❤🤩
जवाब देंहटाएंKya khoob likha hain aapne
जवाब देंहटाएंAnu
शब्दों की कमी नही है इस जहाँ में लेकिन आपके काम शब्द ही अच्छे।आपने कम शब्दों में बहुत कुछ कह दिया।
जवाब देंहटाएंतेरा वो अंदाज़
मुझ से नही होता नजरन्दाज।
सतीश।
तेरी तरह हम भी इंतज़ार करे
जवाब देंहटाएंएक अरसा हुआ मिले l
तेरी मेरी बात हुए हम भी तुझे नज़रअंदाज़ करे ll
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जवाब देंहटाएंTaarif karte hai apki....Salaam
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