चाँद - रात का साथी | CHAND - RAAT KA SAATHI | Hindi Kavita
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चाहू चाँद में तुझे चुरा लू ..
दुनिया की नज़रों से तुझको छुपा लू !
देदू इतना प्यार तुझे मैं
धरती और अम्बर की दूरी मिटा दू !
इतनी बातें तुझसे करलू !
रात का तुझको साथी चुन लू !
साथ में तेरे मिलके ऐ चाँद
दुनिया की मैं सैर करलू !
चाँदनी को तेरी अपना गहना बना लू !
शीतलता को अपने मन में बसा लू !
मान लू अपना चाँद 🌛 तुझे मैं
और तुझको अपने माथे 🌙 पे सजा लू !!
Wow moon
जवाब देंहटाएंI Like this Poem👏👏💖💖
जवाब देंहटाएंLovely poem 👍
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर भाव बहुत सुंदर शब्द शायद आप जैसों के लिए कहा गया होगा
जवाब देंहटाएंजिनकी रचना इतनी सुंदर ओ कीतना सुंदर होगा
फिर हाल कवि,कवित्री अपनी कलेजा निकाल कर रख दे पर सुनने समझने वाले पर निर्भर कर्ता है किस भाव मे सुना समझा
आप बहुत बहुत बधाई हार्दिक शुभकामनाएं रविंद्र पाण्डेय
Very nice, awesome
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़िया👏👏👏👏
जवाब देंहटाएंलेकिन अगर चाँद को अपना मान लेंगे तो बाकी लोगों का क्या होगा?
🤔🤔🤔
सतीश
cool creativity
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