मृगतृष्णा * कविता - MRIGTRISHNA * HINDI POEM | Reality In LOVE and LIFE | Mirage
Pls Listen Mrigtrishna ( Reality Of Life ) to experience more realistic poetry by single click on below Image .
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कभी यूँही ख्याल आया तेरा
सामने कोई न था
पर चेहरा नज़र आया तेरा
क्या बात है क्या यही प्यार है ?
तू नहीं फिर क्यों ?
तेरी मौजूदगी का एहसास है।
जानते है एक आवाज़ है
जो मेरे लिए खास है
और कुछ नहीं बस एक पुराना साज़ है
कहते है मोहब्बत अधूरी है !
क्या सच है ?
जो न मिले शायद उन्ही की पूरी है
क्यों हैरान है ? ज़िन्दगी एक प्यास है
यहाँ कुछ मृगतृष्णा नहीं
एक खूबसूरत रेगिस्तान है !

Wah Wah 🥰
जवाब देंहटाएंDilpreet
Shujriya JII
हटाएंGood one
हटाएंBhai Wahhhh !!!
जवाब देंहटाएंवाक़ई जो जीवन में एक ख्वाब अधूरा रह जाता है न वही तो जीवन के कुछ पलों को यादगार बना देता है नही तो जीवन बिल्कुल आपकी अंतिम पंक्ति की तरह "एक सूखा रेगिस्तान है"।
जवाब देंहटाएंJiii, thnx
हटाएंWaah ❤❤
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जवाब देंहटाएंबस चेहरा नज़र आया तेरा
बस यूँही ख्याल आया l
बस मौजूदगी का एहसास है
बस ज़िन्दगी एक प्यास है !l
वाह वाह कितनी सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंबहुत खूबसूरत कविता
जवाब देंहटाएंअनु
So so Beautiful💖💖💖💖💖
जवाब देंहटाएंThanks for all your precious comment :))
जवाब देंहटाएंBest one
जवाब देंहटाएंNo words 💖
जवाब देंहटाएंज़िन्दगी एक प्यास है ! lekin khoobsurat
जवाब देंहटाएंPls is kavita ka bhi audio banao
जवाब देंहटाएंThanku all ....:)
जवाब देंहटाएंWow
जवाब देंहटाएं👌👌
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