Magan Dhun - Shringar Ras Hindi Kavita by Vinita Mishra | Misvi Poetry

Magan Dhun Hindi Kavita by Vinita Mishra - Misvi Poetry - Chal tere sath chalen shringar kavita





चल तेरे साथ चलें। 
थोड़ा करके श्रृंगार चले ,
फिर अपना आँचल लहरा के चले। 
माथे पे बिंदिया सजाके चले ,
चल तेरे साथ चले।। 


फिर सबकुछ हम भूला के चले ,
सारे ज़ख्मो को अपने छुपा के चले। 
मुँह में पान दबा के चले ,
फिर तुझको थोड़ा रिझा के चले। 
चल तेरे साथ चले।। 


अपनी पूरी मस्ती में चले ,
आंखों में तुझको छुपा के चले। 
फिर दिल अपना हम लुटा के चले ,
तुझ को तुझसे ही चुरा के चले।
चल तेरे साथ चले।। 

तोड़ते  सारे   दायरों  को  चले ,
अपना  हम तुझको  बना  के  चले । 
आसमा  को  कदमो  में  लाके  चले ,
चल तेरे साथ चले ।। 


करलू पूरी अपनी मनमानी 
छोड़ू पीछे दुनियादारी 
फिर अपनी मगन धुन में चले 
चल तेरे साथ चले ।



             















टिप्पणियाँ

  1. पंक्तियों को क्या खूब संजोया है।

    सतीश।

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  2. One of your best poems. Loved it Very much❤
    You are a real gem.

    Dilpreet

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  3. आप बहुत ही सुन्दर शब्दो पिरोती है मुझे आप जेसे लोगो पर गर्व है

    जवाब देंहटाएं

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