Value & Respect Yourself First

किसी को अपनी भी खबर न रहे 
कोई ऐसे भी बेख़बर न रहे 
लुटा के दिल की दौलत गैरों पे
हाथ अपने कभी खाली न रहे 


मसरूफ इतना न रहे खिदमत में 
के सर्दी, गर्मी बरसात 
एक जैसे लगे 


संवारते हर दम न रहे 
भूल के खुदको 
के आईना भी कहने लगे 
अब देख लो मुझको 


जिंदगी कहती है 
कुछ होश है तुमको 
बीत रही है जो 
वापस ला सकते हो उसको ?


हर कदम एक शोर होता रहे 
ना हो ऐसा के गुरूर टूटता रहे 
ओझह ऐसी ना हो के दोस्त मेरे 
कोई अपना, अपनी नजर से गिरता रहे 
















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