तेरे संग (हिंदी कविता ) * TERE SANG

 तेरे संग

   



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  ** तेरे संग **

विश्वास नहीं दिला सकते 

जो सच है उसे झुठला नहीं सकते

निकाल कर  देदे अगर जान अपनी 

तो भी तेरे प्यार की कीमत चुका नहीं सकते 


अपनी  दूरियों का हिसाब लगा नहीं सकते 

क्या - क्या नाम मिले  तेरा होके  बता नहीं सकते  

तुमसे  ही तुम्हारे जाने की शिकायत करनी है 

पर तुमको अब वापिस बुला नहीं सकते 


कह सकते  तो बस इतना कहते 

इन  फ़ासलो  को कम करते 

तुम साथ देते अगर 

तो आज हम संग होते है

 

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टिप्पणियाँ

  1. विश्वास नहीं दिला सकते
    तेरे प्यार की कीमत चुका नहीं सकते
    दूरियूं का हिसाब लगा नहीं सकते
    अब इसे झुटला नहीं सकते।

    जवाब देंहटाएं
  2. क्या - क्या नाम मिले ! तेरा होके ! बता नहीं सकते । ......SO DEEEEP

    जवाब देंहटाएं
  3. अब तक कि सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक आपकी ये रचना है।

    आपकी कविता ने तो इस प्रकार से वार किया है कि बहित कुछ कहना चाहता हूं लेकिन न जाने क्यों इस बार निःशब्द कर दिया।

    सतीश

    जवाब देंहटाएं
  4. Aapki poem bhot hi khubsurat hai..❤️❤️

    जो सच है * उसे झुठला नहीं सकते।
    😜🥰👍

    जवाब देंहटाएं

  5. विश्वास नहीं दिला सकते
    जो सच है, उसे झुठला नहीं सकते।

    तुझे खोया है पाकर हमने…..
    अब खुद को खोकर भी ,तुझे पा नहीं सकते।।..

    जवाब देंहटाएं

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