अपने क्या खूब लिखा है यूँ तो रहती है कोशिश भूलने की उसे लेकिन आपकी पंक्तियाँ उसकी याद दिला देती है।
इतनी बेरुखी तुम क्यों दिखाते हो। मुझ पर तुम अपना हक़ क्यों नही जताते हो। कैसे बताऊँ मैं की तुम मेरे लिए सबकुछ हो। लेकिन तुमने बता दिया कि तुम्हारे लिए मैं कुछ भी नही।
v nice
जवाब देंहटाएंतू भूल के कैसे जीता होगा !!
Aapko bhul ke koi kese jee Sakta hai..... Aapki poems hmare jine ka sahara bn gyi hai....😜🌹...k
जवाब देंहटाएंShukriya jii :))
हटाएंअपने क्या खूब लिखा है यूँ तो रहती है कोशिश भूलने की उसे लेकिन आपकी पंक्तियाँ उसकी याद दिला देती है।
जवाब देंहटाएंइतनी बेरुखी तुम क्यों दिखाते हो।
मुझ पर तुम अपना हक़ क्यों नही जताते हो।
कैसे बताऊँ मैं की तुम मेरे लिए सबकुछ हो।
लेकिन तुमने बता दिया कि तुम्हारे लिए मैं कुछ भी नही।
सतीश।
well written :)
हटाएंबहुत सुंदर,,,👌❤️✍️
जवाब देंहटाएं❤❤❤
जवाब देंहटाएंNice line 👌
जवाब देंहटाएंWhat a amazing lines!
जवाब देंहटाएंBy Neelu
Amazing 👏
जवाब देंहटाएंBeautiful expression!!
जवाब देंहटाएंThanks:))
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