माँ - Missing Mother - Remembrance For Mother -In The Memory Of Mother

मेरी माँ Missing Mother poem by Vinita Mishra



माँ,

क़र्ज़ मेरा था चुका दिया तूने

छोड़ के हाथ अनाथ बना दिया तूने 

तेरे साये में तो बहुत अमीर थे हम

मरके फिर फ़क़ीर बना दिया तूने।


Love You Maa & Sorry For My Mistakes🙏🙏




                           



 


टिप्पणियाँ

  1. क्या लिखे कविता में बिनीता डूब जाती है

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